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India US Trade Relations: भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ की तलवार! अमेरिका के नए कदम से मचेगी हलचल?

Anurag Kumar Tripathi · 15 अक्टूबर 2026
India US Trade Relations

India US Trade Relations: भारत और अमेरिका को लेकर एक बार फिर 100 प्रतिशत टैरिफ को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में अमेरिकी संसद में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने को लेकर बिल पास किया गया था। इस मामले पर भारत में अमेरिकी राजदूत, सर्जियो गोर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसके बाद से ही अब कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या अमेरिका जल्द भारत पर 100 प्रतिशत लगा सकता है। हालांकि हाल ही में तेल को लेकर खुद ट्रंप और पुतिन की डील हो चुकी है।

100 प्रतिशत टैरिफ को लेकर क्या बोले अमेरिकी राजदूत

रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के बारे में, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "इस पर हमारी बातचीत चल रही है, क्योंकि यह कानून दोनों पार्टियों के भारी समर्थन से पास हुआ था। हमारी सीनेट में इसे 100 में से 86 वोट मिले थे। कांग्रेस द्वारा पास किए गए इन प्रतिबंधों का मकसद किसी एक खास देश को निशाना बनाना नहीं है।

इसमें तीन अलग-अलग कैटेगरी हैं: पहली तेल, दूसरी गैस, और तीसरी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश। तो, कुछ लोगों या इकाइयों की पहचान इसी आधार पर की गई है। संयोग से, भारत भी कई अन्य देशों के साथ इन्हीं कैटेगरी में से एक में आता है। इसका मकसद किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि इस युद्ध को खत्म करने की कोशिश करना है। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति अगले कुछ दिनों में इस पर कोई फैसला लेंगे।"

100 प्रतिशत टैरिफ के बाद भारत पर क्या होगा असर?

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है। फरवरी 2026 में घोषित अंतरिम समझौते के ढांचे के तहत भारतीय सामान पर अधिकांश संबंधित अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही गई थी। हालांकि, समझौते को पूरी तरह अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अभी बाकी है।

रूस से तेल खरीदने को लेकर प्रस्तावित नए टैरिफ का मामला इस बातचीत को और जटिल बना सकता है। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को वियतनाम, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले नुकसान न हो। वहीं, अमेरिका के साथ बाजार तक पहुंच, शुल्क में स्थिरता और कारोबारी सहयोग जैसे मुद्दे भी अहम बने हुए हैं।