India-US Trade Deal को लेकर सुगबुगाहट तेज, मार्को रुबियो के बयान से बढ़ी हलचल, चीन-पाकिस्तान का खेल खत्म
India-US Trade Deal: भारत जल्द ही कंगाल पाकिस्तान और चालाक चीन के नाक में दम करने वाला है। इंडिया की बढ़ती ताकत देख दोनों मुल्कों के गले से खाना नहीं उतर रहा है। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का एक ऐसा बयान आया जिससे दोनों देशों में हचलत तेज हो गई है।
रुबियो के आने से पहले ही चीन ने आर्टिकल लिखकर भारत को भरोसा ना करने की सलाह दी है। और कंगाल पाकिस्तान का तो इतना बुरा हाल है कि वहां की आवाम ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चलिए आपको बताते है कि अगर यह डील हो जाती है तो भारत को क्या फायदा होगा।
इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर मार्को रुबियो का बड़ा बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि अमेरिका भारत के साथ एक व्यापार समझौता अंतिम रूप देने के बहुत करीब है। मंगलवार को अपनी भारत यात्रा से पहले, उन्होंने ऊर्जा छूट और प्रतिबंध नीति को व्यापक व्यापारिक मुद्दों से जोड़ते हुए यह बात कही। रूसी तेल और गैस के मामले में, रुबियो ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले असर की वजह से अमेरिका को पिछले कुछ महीनों में प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी।
मध्य एशिया की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, "वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने के कारण हमें पिछले कुछ महीनों में प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है। हमें इन सभी चीजों को संभालना पड़ता है। हम अभी भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
पाक-चीन की क्यों बढ़ी टेंशन
भारत-अमेरिका डील को लेकर एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। यह खबर पड़ोसी मुल्कों को रास नहीं आ रही है। अगर अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील हो जाती है, तो भारत की अर्थव्यवस्था को एक अलग तेजी मिलेगी। चीन कभी नहीं चाहेगा की भारत उसकी बराबरी करें और पाकिस्तान भारत को कभी बढ़ता नहीं देख सकता है।
India-US Trade Deal से भारत को होगा जबरदस्त फायदा
माना जा रहा है कि इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही - कपड़ा और गारमेंट उद्योग को बढ़ावा, भारतीय कपड़ों, रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
जेम्स-ज्वेलरी और चमड़ा उद्योग को राहत, दवा और मेडिकल क्षेत्र में नए अवसर, भारतीय दवा कंपनियों को अमेरिका में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। मेक इन इंडिया और रोजगार को फायदा, टेक्नोलॉजी और निवेश में सहयोग।