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India-Russia Ties: भारत-रूस की महादोस्ती से पाकिस्तान में हड़कंप! अब दुश्मनों की खैर नहीं?

Anurag Kumar Tripathi · 14 अक्टूबर 2026
India-Russia Ties

India-Russia Ties: भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में चर्चा हुई है। दोनों देशों ने सैन्य संबंधों को नई मजबूती देने और रक्षा क्षेत्र में पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया। जिससे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की टेंशन बढ़ सकती है। भारत और रूस के बीच सहयोग केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच अनुभव साझा करना, प्रशिक्षण और रक्षा मामलों में संवाद भी इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इसकी बीच रूसी फ़ेडरेशन की सेना के मॉस्को मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कार्यवाहक कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलीविच सेरित्स्की ने सप्त शक्ति कमांड के जनरल ऑफ़िसर कमांडिंग-इन-चीफ़, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ​​से बातचीत की। इसकी जानकारी ADG PI - INDIAN ARMY ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी गई है।

भारत-रूस की दोस्ती से पड़ोसी मुल्क में हड़कंप

ADG PI - INDIAN ARMY ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "भारत-रूस रक्षा सहयोग को मज़बूत करना रूसी फ़ेडरेशन की सेना के मॉस्को मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कार्यवाहक कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलीविच सेरित्स्की ने सप्त_शक्ति_कमांड के जनरल ऑफ़िसर कमांडिंग-इन-चीफ़, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ​​से बातचीत की।

Strengthening India-Russia #DefenceCooperation Lieutenant General Igor Anatolyevich Seritsky, Acting Commander of the Moscow Military District of the Armed Forces of the Russian Federation, interacted with Lieutenant General Mohit Malhotra, General Officer Commanding-in-Chief, #SaptaShaktiCommand. The interaction focused on deepening bilateral military ties, enhancing professional exchanges and exploring avenues for greater collaboration in areas of mutual interest, further reinforcing the longstanding India-Russia defence partnership. #IndiaRussiaFriendship 🇮🇳🤝🇷🇺 @MEAIndia @DefenceMinIndia @RusEmbIndia @IndEmbMoscow

— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) October 14, 2026

इस बातचीत का मक़सद दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को गहरा करना, पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ाना और आपसी हित के क्षेत्रों में बेहतर सहयोग के मौक़े तलाशना था, ताकि भारत-रूस की लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को और मज़बूत किया जा सके"।

पाकिस्तान के लिए टेंशन बनी भारत-रूस की नजदीकी?

भारत की रक्षा क्षमताओं और प्रमुख देशों के साथ उसके रणनीतिक संबंधों पर पाकिस्तान की नजर रहती है। भारत और रूस के बीच मजबूत सैन्य सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा की चर्चा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खासकर तब, जब भारत अपनी सेनाओं के आधुनिकीकरण, तकनीकी क्षमता और रक्षा तैयारियों पर ध्यान दे रहा है। पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताएं भारत की रक्षा नीतियों से जुड़ी रहती हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रूस के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान ड्रोनों को मार गिराया था।

भारत के लिए रूस क्यों है अहम?

रूस भारत का लंबे समय से रक्षा साझेदार रहा है। लड़ाकू विमान, टैंक, मिसाइल प्रणाली और अन्य सैन्य उपकरणों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग का इतिहास रहा है। भारत अपनी रक्षा जरूरतों के साथ-साथ स्वदेशी उत्पादन और अलग-अलग देशों से तकनीक हासिल करने पर भी जोर दे रहा है।

भारत के लिए किसी भी रक्षा साझेदारी का महत्व केवल सैन्य उपकरणों तक सीमित नहीं होता। तकनीकी सहयोग, रखरखाव, प्रशिक्षण और आपूर्ति की निरंतरता भी अहम होती है। ऐसे में रूस के साथ संवाद को मजबूत बनाए रखना भारत की व्यापक रक्षा नीति का हिस्सा है।