भारत-जापान की रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई ताकत, डिफेंस टेक्नोलॉजी और सैन्य अभ्यास पर हुई चर्चा
नई दिल्ली: भारत और जापान ने मंगलवार को रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने को लेकर अहम बातचीत की। दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक, संयुक्त सैन्य अभ्यास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह बैठक नई दिल्ली में भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई। जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तारो कोनो ने किया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को हुई बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा तकनीकी सहयोग, संयुक्त अभ्यास और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए सहयोग को आगे बढ़ाना है।
रक्षा से लेकर टेक्नोलॉजी तक सहयोग पर जोर
भारत और जापान के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पहले से ही द्विपक्षीय संबंधों का अहम हिस्सा है। दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरण और तकनीक के हस्तांतरण से जुड़ा समझौता 2015 में हुआ था। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यास भी करती हैं। नई दिल्ली में हुई बैठक में रक्षा तकनीक सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यास को आगे बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
जापानी सांसदों ने विदेश सचिव से भी की मुलाकात
इससे एक दिन पहले जापानी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की थी। बातचीत में रक्षा के अलावा आर्थिक सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती, व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दे शामिल रहे। यह प्रतिनिधिमंडल 18 से 22 सितंबर 2026 तक India-Japan Distinguished Visitors Programme के तहत भारत दौरे पर आया था।
Defence Secretary Shri Rajesh Kumar Singh met Director General, International Cooperation, LDP, Japan, Mr Taro Kono in New Delhi on September 22, 2026. They held productive exchange of views on strengthening bilateral defence technology collaboration, joint exercises and regional… pic.twitter.com/s90TzbTtQL
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) September 22, 2026
बेंगलुरु में IISc, ISRO और BEL का दौरा
जापानी सांसदों ने दिल्ली पहुंचने से पहले बेंगलुरु में भारत के प्रमुख तकनीकी और रक्षा संस्थानों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का दौरा किया। इस दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत के डीप-टेक, रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम में हो रही प्रगति की जानकारी ली। भारत-जापान सहयोग में AI, टेक्नोलॉजी, स्पेस, डिफेंस और स्टार्टअप्स को महत्वपूर्ण क्षेत्र के तौर पर देखा जा रहा है।
सप्लाई चेन और आर्थिक सुरक्षा पर भी फोकस
बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते आर्थिक और रणनीतिक माहौल के बीच भारत और जापान ने सप्लाई चेन को अधिक भरोसेमंद और मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
दोनों पक्षों के बीच मौजूदा Special Strategic and Global Partnership के दायरे को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया गया। रक्षा, तकनीक और आर्थिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना इस साझेदारी का प्रमुख हिस्सा है।
हिंद-प्रशांत में सहयोग बढ़ाने पर जोर
भारत और जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को लेकर साझा रणनीतिक दृष्टिकोण रखते हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक, सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में लगातार बातचीत होती रही है। भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार की बैठक में भी इन्हीं क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।