India Space Power: दुनिया में भारत का बजा डंका, स्पेस पावर के रूप में इंडिया की हुई एंट्री, जानें सबकुछ
India Space Power: दुनिया भर में भारत लगातार नए-नए कीर्तिमान रच रहा है। वहीं अब स्पेस पावर के रूप में भारत की एंट्री हो चुकी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इंडिया रूस, अमेरीका और चीन जैसे देशों को सीधा टक्कर देगा। गौरतलब है कि मेक इन इंडिया ने इसमे अहम भूमिका निभाई है।
भारत अब सिर्फ सैटेलाइट लॉन्च करने वाला देश नहीं रह गया है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। सबसे खास बात है कि सिर्फ इसरो ही नहीं अब निजी कंपनियां भी इसमे हिस्सा ले रही है। चलिए आपको बताते है इससे जु़ड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
स्पेस पावर के रूप में भारत की हुई एंट्री
बता दें कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम सिर्फ़ रॉकेट और सैटेलाइट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह तेज़ी से इनोवेशन, औद्योगिक विकास, रोज़गार, वैज्ञानिक रिसर्च और सामाजिक-आर्थिक बदलाव का एक मज़बूत इंजन बन रहा है।
आज अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी संचार, खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, नेविगेशन और रोज़मर्रा की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हुई है। सबसे खास बात है कि भारत दुनिया भर में अंतरिक्ष क्षमताओं के एक अहम डेवलपर, खोजकर्ता और प्रदाता के तौर पर एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है।
स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी क्षमता
गौरतलब है कि 2023 में चंद्रयान-3 की सफलता ने चांद पर बहुत मुश्किल लैंडिंग करने की भारत की क्षमता को साबित किया। इसके बाद आदित्य-L1 ने सूरज की ओर भारत की वैज्ञानिक पहुंच को बढ़ाया।
SpaDeX ने ऑर्बिटल डॉकिंग क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जबकि गगनयान देश को मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए तैयार कर रहा है। भारत के तकनीकी बदलाव का सबसे साफ़ उदाहरण गगनयान हो सकता है, जो देश का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है।
बढ़ती क्षमता से इन सेक्टरों को पहुुंचा फायदा
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का फायदा कई क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। जैसे मौसम का पूर्वानुमान लगाने, खेती, नेविगेशन, संचार, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सटीक भविष्यवाणी संभव हो पाई है।
कई ऐसी सैटेलाइट है जो सैटेलाइट बाढ़, चक्रवात और ज़मीन खिसकने जैसी घटनाओं से पहले जोखिम वाले इलाकों की पहचान करने में मदद कर रही है। यानि यह कहना गलत नहीं होगा कि देश के साथ-साथ दुनिया में भी भारत स्पेस पावर के रूप में उभर रहा है।