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India-China Relations: ड्रैगन की अकड़ निकालेगा भारत का नया दांव! लद्दाख को लेकर मोदी सरकार ने बनाया धांसू प्लान

Anurag Kumar Tripathi · 14 अक्टूबर 2026
India-China Relations

India-China Relations: चीन हो या पाकिस्तान यह नया भारत आंखों में आंख डालकर बात करना जानता है। दरअसल चीन लगातार अरूणाचल प्रदेश, लद्दाख के कई इलाकों को अपना हिस्सा बताता रहा है, लेकिन इस बार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लद्दाख में मौजूद 28 जगहों की पहचान 'सर्वे ऑफ इंडिया' के आधिकारिक नक्शे पर मानक नामों के साथ की गई है। जिसके बाद चीन पूरी तरह से बौखला गया है।

भारत की नई चाल से बौखलाया चीन

लद्दाख पर चीनी पक्ष की टिप्पणियों के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा" यह बात फिर से दोहराई जाती है कि लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। चीनी पक्ष के इनकार करने से यह स्थापित तथ्य नहीं बदल सकता।

जहाँ तक भारत सरकार के गृह मंत्रालय की उस प्रेस विज्ञप्ति की बात है जिसका ज़िक्र किया जा रहा है, तो वह अपने आप में स्पष्ट है। इस घोषणा में बताया गया है कि लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश में मौजूद 28 जगहों/विशेषताओं की पहचान 'सर्वे ऑफ़ इंडिया' के आधिकारिक नक्शे पर मानक नामों के साथ की गई है, और यह काम लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश और स्थानीय हितधारकों के साथ सलाह-मशविरे के बाद किया गया है।

लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश के 'सर्वे ऑफ़ इंडिया' के नक्शे पर इन जगहों की औपचारिक रूप से पहचान करने का मकसद यह है कि लोग उन्हें सही ढंग से पहचान सकें और आम जनता में इनके बारे में बेहतर जानकारी हो।"

भारत के लिए लद्दाख क्यों है महत्वपूर्ण?

लद्दाख का इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। यहां कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, ऊंचे पहाड़ और सर्दियों में बेहद कम तापमान किसी भी सैन्य अभियान को चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। यही वजह है कि सीमा तक हर मौसम में पहुंच, बेहतर सड़कें और सैनिकों के लिए जरूरी सुविधाएं भारत की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग और संचार सुविधाओं का विकास भारतीय सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बेहतर कनेक्टिविटी से सेना को जरूरत के समय जवानों, उपकरणों और रसद की आवाजाही में मदद मिलती है। इससे दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों तक जरूरी सामान पहुंचाना भी आसान हो सकता है।

यही कारण है कि चीन भी कई इलाकों पर लगातार दावा करता आ रहा है। लेकिन भारत की इस चाल से चीन पूरी तरह से बौखला उठा है। ब