टीएनपी न्यूज़
होम / शिक्षा
शिक्षा

IIT Placement: ऑफर लेटर देकर मुकर गईं कंपनियां, IITs ने 22 पर चला दिया डंडा

Shivashakti Narayan Singh · 26 सितम्बर 2026
ऑफर लेटर देकर मुकर गईं कंपनियां, IITs ने 22 पर चला दिया डंडा

IIT Placement News: देश के IITs ने उन कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है जिन्होंने छात्रों को जॉब ऑफर देने के बाद उन्हें नौकरी नहीं दी। ऑल IITs प्लेसमेंट कमेटी (AIPC) ने ऐसी 22 कंपनियों को अगले दो प्लेसमेंट सीजन तक कैंपस भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने का फैसला किया है।

AIPC ने कंपनियों से कहा था कि वे 15 सितंबर तक अपने सभी लंबित ऑफर पूरे करें। लेकिन तय समय तक कई कंपनियां छात्रों को जॉइनिंग नहीं दे सकीं। इसके बाद सभी IITs की सहमति से उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया गया।हालांकि IITs से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसे औपचारिक "ब्लैकलिस्ट" नहीं, बल्कि "नॉन-कोऑपरेशन" की कार्रवाई माना जा रहा है। यानी ये कंपनियां अगले दो प्लेसमेंट सीजन तक IIT कैंपस भर्ती में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।

150 से ज्यादा ऑफर प्रभावित

इस बार मामला पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा बताया जा रहा है। देश के 23 IITs में 150 से अधिक जॉब ऑफर प्रभावित हुए हैं। कुछ कंपनियों ने अकेले 10 से 15 तक ऑफर वापस ले लिए।सूत्रों के मुताबिक, टेक कंपनी Oracle का नाम भी उन कंपनियों में शामिल बताया जा रहा है जिन पर कार्रवाई हो सकती है। दावा है कि कंपनी ने IIT छात्रों को दिए गए करीब 40 ऑफर पूरे नहीं किए। हालांकि अंतिम सूची अभी तैयार की जा रही है।

स्टार्टअप्स भी जांच के दायरे में

कार्रवाई सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है। कुछ स्टार्टअप्स के मामलों की भी जांच की जा रही है। सभी IITs से कहा गया है कि वे प्रभावित छात्रों और कंपनियों का अपडेटेड डेटा AIPC को भेजें, ताकि अंतिम सूची तैयार की जा सके।

प्रभावित छात्रों के लिए नए मौके तलाश रहे IITs

जिन छात्रों के ऑफर वापस लिए गए हैं, उनके लिए IITs के प्लेसमेंट कार्यालय नई नौकरियों की तलाश में जुटे हैं। प्रभावित छात्रों के रिज्यूमे दूसरी भर्ती कर रही कंपनियों के साथ साझा किए जा रहे हैं और खाली पदों पर उन्हें प्राथमिकता देने का अनुरोध भी किया जा रहा है।संस्थानों का कहना है कि कुछ छात्रों ने ऑफ-कैंपस या अपने नेटवर्क के जरिए नौकरी हासिल कर ली होगी, इसलिए प्रभावित छात्रों की अंतिम संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

क्यों अहम है यह फैसला?

IITs का मानना है कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ कंपनियों को जवाबदेह बनाना नहीं, बल्कि छात्रों का भरोसा बनाए रखना और कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया की विश्वसनीयता को मजबूत करना भी है।