सीतापुर के हरगांव में जनता ने खोल दिया दिल का राज! योगी सरकार के काम पर क्या बोली जनता, सपा की बढ़ी टेंशन?
Hargaon Assembly Seat 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच TNP News की खास पेशकश '27 की सत्ता' में टीम सीतापुर जिले की हरगांव विधानसभा सीट पर पहुंची। जहां जानने की कोशिश की गई, आखिर क्षेत्र की जनता योगी सरकार के कामकाज और विकास को लेकर क्या सोचती है।
जनता ने मौजूदा योगी सरकार के कार्यकाल पर क्या कहा?
हरगांव में सड़क, बिजली, स्कूल और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे लोगों की बातचीत के केंद्र में नजर आए। क्षेत्र के कई मतदाताओं ने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए अपनी राय सामने रखी। कुछ लोगों का कहना है कि बीजेपी सरकार के दौरान इलाके में पहले की तुलना में ज्यादा विकास देखने को मिला है। वहीं, कुछ मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी के पिछले कार्यकाल और मौजूदा सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए अपनी बात रखी।
हालांकि, हरगांव की जनता के बीच सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि स्थानीय समस्याओं और आने वाले चुनाव को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आती है। ऐसे में सवाल है कि 2027 के चुनाव में हरगांव के मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या होगा?
हरगांव विधानसभा सीट क्यों है महत्वपूर्ण?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। सीतापुर जिले की हरगांव विधानसभा सीट 147 भी उन सीटों में से एक है, जहां पिछले दो विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जीत दर्ज की है। हरगांव सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। 2022 में यहां भाजपा विधायक सुरेश राही ने समाजवादी पार्टी के रामहेत भारती को 38,160 वोटों के अंतर से हराया था।
हालांकि 2027 में अभी उम्मीदवारों की अंतिम सूची घोषित नहीं हुई है और चुनाव परिणाम को लेकर निश्चित भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव, 2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़े, मौजूदा विधायक और क्षेत्र के सामाजिक समीकरण को देखकर यह समझा जा सकता है कि 2027 में किन मुद्दों और सामाजिक समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
हरगांव विधानसभा सीट
हरगांव उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की विधानसभा सीट है और इसका विधानसभा संख्या 147 है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। सीतापुर जिला प्रशासन की सूची में हरगांव को Hargaon (SC) के रूप में दर्ज किया गया है। यह विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार 2022 में हरगांव में करीब 3.27 लाख मतदाता थे और विधानसभा चुनाव में मतदान लगभग 68 प्रतिशत रहा था।
हरगांव के मौजूदा विधायक कौन हैं?
हरगांव से मौजूदा विधायक सुरेश राही हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और 2017 तथा 2022 में लगातार दो बार इस सीट से निर्वाचित हुए। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार सुरेश राही अनुसूचित जाति के पासी समुदाय से आते हैं। उनके पिता राम लाल राही भी राजनीति में रहे और केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके थे।
2022 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सुरेश राही को योगी आदित्यनाथ सरकार में कारागार विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी मिली थी। इसलिए 2027 के चुनाव में भाजपा की रणनीति और उम्मीदवार चयन के संदर्भ में सुरेश राही की राजनीतिक स्थिति हरगांव में महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि सितंबर 2026 तक 2027 के लिए किसी भी पार्टी की अंतिम उम्मीदवार सूची को चुनाव परिणाम की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
2024 लोकसभा चुनाव ने क्या संकेत दिया?
2024 लोकसभा चुनाव में हरगांव विधानसभा खंड का प्रदर्शन 2022 विधानसभा चुनाव से अलग रहा। उपलब्ध विधानसभा-खंडवार आंकड़ों के अनुसार धौरहरा लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले हरगांव खंड में समाजवादी पार्टी के आनंद भदौरिया को 90,862 वोट, जबकि भाजपा की रेखा वर्मा को 88,932 वोट मिले। यानी सपा को लगभग 1,930 वोट की बढ़त मिली।
यह आंकड़ा 2027 के लिए महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसे विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी की जीत की गारंटी नहीं माना जा सकता। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार, गठबंधन, स्थानीय मुद्दे, मतदान प्रतिशत और मतदाताओं की प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं। फिर भी 2024 का आंकड़ा यह दिखाता है कि हरगांव में 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह स्थिर नहीं है।
हरगांव का जातीय समीकरण क्या है?
हरगांव SC आरक्षित सीट होने के कारण यहां अनुसूचित जाति के मतदाता चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभिन्न चुनावी प्रोफाइलों और मीडिया अनुमानों में पासी, जाटव, कुर्मी, ब्राह्मण, मुस्लिम, ठाकुर और यादव जैसे सामाजिक समूहों की जानकारी मिलती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार पासी मतदाताओं की संख्या लगभग 90 हजार, कुर्मी करीब 40 हजार, चमार करीब 35 हजार, ब्राह्मण लगभग 30 हजार और मुस्लिम मतदाता करीब 26 हजार बताए गए हैं। हालांकि ये आंकड़े आधिकारिक निर्वाचन आयोग की जातिवार मतदाता सूची नहीं हैं, इसलिए इन्हें अनुमान के रूप में ही देखना चाहिए।
भाजपा के सामने क्या समीकरण होगा?
भाजपा के लिए 2027 में 2017 और 2022 के प्रदर्शन को बनाए रखना एक प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य होगा। पार्टी के पास मौजूदा विधायक सुरेश राही का चेहरा है और वे लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं। 2022 में भाजपा को 52 प्रतिशत से अधिक वोट मिलना उसके मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
लेकिन 2024 के हरगांव विधानसभा खंड में सपा की मामूली बढ़त यह भी बताती है कि लोकसभा चुनाव में मतदाताओं का रुझान अलग रहा। इसलिए भाजपा के लिए स्थानीय विकास, रोजगार, सड़क, शिक्षा, किसानों से जुड़े मुद्दे और सामाजिक समर्थन जैसे विषय महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
समाजवादी पार्टी के लिए क्या चुनौती है?
2022 में सपा दूसरे स्थान पर रही थी। उसके उम्मीदवार रामहेत भारती को 78,531 वोट मिले थे। 2024 में हरगांव विधानसभा खंड में सपा के आनंद भदौरिया ने भाजपा उम्मीदवार से लगभग 1,930 वोट अधिक हासिल किए।
इसलिए सपा के लिए 2027 में चुनौती यह होगी कि वह लोकसभा चुनाव में मिली बढ़त को विधानसभा स्तर के चुनावी समर्थन में बदल पाती है या नहीं। इसके लिए उम्मीदवार की स्थानीय पकड़, संगठन और सामाजिक गठबंधन महत्वपूर्ण कारक हो सकते हैं।
बसपा और अन्य दलों की भूमिका
हरगांव का राजनीतिक इतिहास बताता है कि बसपा भी इस सीट पर प्रभावशाली रही है। उपलब्ध चुनावी इतिहास के अनुसार 2007 और 2012 में इस सीट पर बसपा के उम्मीदवार विजयी रहे थे, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा ने जीत दर्ज की।
2022 में बसपा के रानू चौधरी को 16,226 वोट मिले थे।
चूंकि हरगांव SC आरक्षित सीट है, इसलिए बसपा का प्रदर्शन भी चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है। यदि मुकाबला भाजपा और सपा के बीच सीधा रहता है या तीसरी पार्टी को पर्याप्त वोट मिलता है, तो उसका असर दोनों प्रमुख दलों के वोट शेयर पर पड़ सकता है।
2027 में हरगांव में किन मुद्दों पर चुनाव हो सकता है?
हरगांव में 2027 का चुनाव केवल जातीय समीकरण पर निर्भर नहीं होगा। स्थानीय मतदाताओं के लिए कई व्यावहारिक मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
1. ग्रामीण सड़क और परिवहन
2. किसानों से जुड़े मुद्दे
3. रोजगार और स्थानीय आर्थिक अवसर
4. शिक्षा और स्कूल-कॉलेज
5. स्वास्थ्य सुविधाएं
6. कानून-व्यवस्था
7. सरकारी योजनाओं का लाभ
8. सिंचाई और कृषि से जुड़े सवाल
9. स्थानीय स्तर पर विकास कार्य
2022 के चुनावी प्रोफाइल में बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण भी क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल बताया गया था।
तो 2027 में किसकी जीत की संभावना है?
सितंबर 2026 की स्थिति में हरगांव सीट पर किसी एक पार्टी को निश्चित विजेता बताना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा। 2027 का चुनाव अभी हुआ नहीं है, उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी सामने नहीं है और चुनाव अभियान की पूरी तस्वीर बनना बाकी है।
हालांकि कुछ आंकड़ों को देखें तो भाजपा के पक्ष में 2017 और 2022 की लगातार दो विधानसभा जीत तथा 2022 में 38,160 वोट की बढ़त एक महत्वपूर्ण तथ्य है। दूसरी तरफ 2024 में हरगांव विधानसभा खंड में सपा की 1,930 वोट की बढ़त बताती है कि लोकसभा चुनाव में मतदाताओं का रुझान अलग रहा।
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