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Hamid Ansari Row: हामिद अंसारी के बयान पर बीजेपी का पलटवार, हिंदू सेना ने भी पद्म श्री लौटाने की मांग उठाई

Shivashakti Narayan Singh · 22 सितम्बर 2026
:हामिद अंसारी के बयान पर बीजेपी का पलटवार

Hamid Ansari News: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपकर हामिद अंसारी को दिया गया पद्म श्री सम्मान वापस लेने की मांग की है। संगठन ने उनके हालिया सार्वजनिक बयानों और पूर्व के कथित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

हिंदू सेना की ओर से गृह मंत्री को दिए गए ज्ञापन में हामिद अंसारी के उस बयान का विरोध किया गया है, जिसमें उन्होंने भारत में 'हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता' को लेकर टिप्पणी की थी।विष्णु गुप्ता ने आरोप लगाया कि हामिद अंसारी के कुछ बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करने वाले हैं। संगठन का कहना है कि पद्म श्री जैसे राष्ट्रीय सम्मान की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है।हिंदू सेना ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और हामिद अंसारी से पद्म श्री सम्मान वापस लेने पर विचार किया जाए।

1984 में मिला था पद्म श्री

हामिद अंसारी को वर्ष 1984 में पद्म श्री सम्मान दिया गया था। हिंदू सेना का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मान पाने वाले व्यक्ति से देश की अखंडता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति निष्ठा की अपेक्षा की जाती है।हालांकि, पद्म पुरस्कारों को वापस लेने की मांग और उस पर अंतिम फैसला संबंधित सरकारी प्रक्रिया और नियमों के तहत ही हो सकता है।

क्या कहा था हामिद अंसारी ने?

विवाद हामिद अंसारी के हालिया एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण से जुड़ा है। यह कार्यक्रम संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ रहे दिवंगत एजी नूरानी की स्मृति में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित किया गया था।अपने संबोधन में अंसारी ने नूरानी की किताब 'द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया' का जिक्र करते हुए जवाहरलाल नेहरू की उस टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें नेहरू ने भारत के लिए हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को खतरा बताया था।अंसारी ने नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बीच बदलाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे रुझान देखने को मिले हैं जो नागरिक राष्ट्रवाद के स्थापित सिद्धांत को चुनौती देते हैं।

धार्मिक आधार पर राजनीति को लेकर कही ये बात

अंसारी ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि एक नया सांस्कृतिक राष्ट्रवाद चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के तौर पर पेश करने और राजनीतिक सत्ता पर एकाधिकार की कोशिश करता है।उन्होंने कहा कि ऐसी सोच नागरिकों को उनके धर्म के आधार पर बांटने, असहिष्णुता बढ़ाने और असुरक्षा का माहौल पैदा करने की कोशिश करती है। अंसारी ने इन रुझानों का कानूनी और राजनीतिक रूप से विरोध किए जाने की बात भी कही।

बीजेपी ने भी किया पलटवार

हामिद अंसारी के बयान पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि अंसारी की टिप्पणी से कांग्रेस की विचारधारा को लेकर सवाल उठते हैं।त्रिवेदी ने अंसारी के बयान को कांग्रेस और वामपंथ से जोड़ते हुए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अंसारी ने इतिहास से जुड़ी पुरानी बहस को फिर सामने ला दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हामिद अंसारी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अंसारी के बयान को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भारत, भारतीय संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है।इस तरह हामिद अंसारी की टिप्पणी के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर अब पद्म श्री सम्मान वापस लेने की मांग तक पहुंच गया है। फिलहाल हिंदू सेना की ओर से गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।