गुजरात पुलिस का 'विश्वास प्रोजेक्ट' बना ब्रह्मास्त्र, नेत्रम से मिली पुलिस को कैसे मिली तीसरी आंख?
Gujrat News: गुजरात पुलिस का 'प्रोजेक्ट विश्वास' (Video Integration and State Wide Advanced Security - VISWAS) वडोदरा सहित पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को आधुनिक बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 'नेत्रम' (NETRAM) से पुलिस को "तीसरी आंख" की ताकत मिली है।
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— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 21, 2026
वीडियो एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेंमाल
अत्याधुनिक कमांड सेंटर: वडोदरा पुलिस भवन में स्थापित किया गया 'नेत्रम' सेंटर चौबीसों घंटे शहर के चप्पे-चप्पे पर लाइव नजर रखता है। यह राज्य स्तरीय 'त्रिनेत्र' मास्टर कंट्रोल रूम से भी सीधे जुड़ा हुआ है। हाई-टेक कैमरों का जाल: इस ग्रिड में केवल सामान्य कैमरे नहीं, बल्कि ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR), रेड-लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (RLVD) और पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) जैसी एडवांस तकनीक वाले कैमरे शामिल हैं। प्रोजेक्ट विश्वास के तहत वडोदरा और अन्य प्रमुख शहरों में वीडियो एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान हो जाती है।
मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए एक बड़ा बदलाव
गुजरात हमेशा 1980-90 के दशक में कर्फ्यू के लिए चर्चाओं में छाया हुआ था। लेकिन आज की परिस्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। हाईटेक तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले 2 दशकों की बात की जाए तो गुजरात में पुलिस ने अपनी कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कड़ी कवायत की है। धरातली स्तर पर अपनी गश्त में बदलाव के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए एक बड़ा बदलाव संभव है। सांप्रदायिक दंगे गुजरात में अब पुरानी बात हो चुका हैं। गुजरात ने पुलिस के लिए 'ब्रह्मास्त्र' माने जा रहे प्रोजेक्ट 'विश्वास' के तहत आगे की रणनीति भी तैयार कर ली है।
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सीसीटीवी, बॉडी कैमरे और ड्रोन से निगरानी रखी गई। पूर्व में अगर विश्वास प्रोजेक्ट पर एक नजर डाली जाए तो-
फेज:1 में पुलिस ने किए बदलाव
7000 सीसीटीवी से निगारानी
10 हजार बॉडी बोर्न कैमरो से नजर
34 नेत्रम तैनात (जिला स्तर पर कमांड सेंटर)
1 त्रिनेत्र की तैनाती से मिली मदद
फेज:2 के तहत मिली और ज्यादा मजबूती
54 सिटी को पुलिस ने कवर किया
79 इंटर स्टेट चेक पोस्ट से सुरक्षा की गई
12,500 सीसीटीवी कैमरों से की गई निगरानी
3 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रखी गई चप्पे-चप्पे पर निगरानी
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