टीएनपी न्यूज़
होम / राज्य
राज्य

बच्ची को मिला न्याय! गुजरात की POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को सुनाई फांसी की सजा

MADHVI TANWAR · 10 अक्टूबर 2026
बच्ची को मिला न्याय

gujarat pocso court death penalty: गुजरात के जामनगर में विशेष POCSO कोर्ट ने 8 वर्षीय बच्ची से यौन उत्पीड़न और बाद में क्रूर तरीके से की गई हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2025 के तहत मौत की सजा सुनाई है।

पीओसीएसओ अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा दी, जो इस तरह के जघन्य अपराधों के लिए कठोर दंड को उजागर करती है। मृतका बच्ची आरोपी की भतीजी थी।

यौन अपराध से भी ज्यादा जघन्य मामला

एक अधिकारी ने बताया कि विशेष पीओसीएसओ न्यायालय के न्यायाधीश वीपी अग्रवाल ने फैसला सुनाया। पूर्व में कोर्ट ने नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार 39 वर्षीय आरोपी को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पीओसीएसओ अधिनियम) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी

12 जनवरी 2025 का था मामला

विशेष अदालत में सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) वादी भारती ने बताया कि, 12 जनवरी, 2025 को यह घटना हुई थी। जामनगर के सिक्का पुलिस स्टेशन में बीएनएस और पीओसीएसओ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

गर्म लोहे की रॉड से बच्ची को दागा

आरोपी ने मासूम बच्ची का गर्म लोहे की रॉड से गाल जला दिए और माचिस की तीली से उसके गुप्तांगों को भी जलाया। यातना और हमले के कारण लड़की की मौत हो गई। लंबे समय तक उसे यातनाएं दी गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 23 जगह चोट

बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 23 चोटें दर्ज की गईं। साथ ही यह भी बताया कि उसने नाबालिग का यौन उत्पीड़न भी किया था। मामला विशेष पीओसीएसओ अदालत के पास आया।

अभियोजन पक्ष ने 23 गवाह और लगभग 95 दस्तावेज सबूतों के आधार पर पेश किए। आरोपी को नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के लिए पीओसीएसओ अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई।

कैसे पुलिस के हाथ लगा आरोपी

अपराध के बाद अपराधी खुद को बचाने के लिए भागता है। शुरू में पुलिस को इस मामले में काफी खाक छाननी पड़ी थी।

जैसे ही जांच में तेजी आई तो जामनगर के सिक्का निवासी नितिन दोसाजी मानके को मामले में आरोपी के तौर पर पकड़ा। सबूतों को जुटाया गया और आरोप पत्र दाखिल हुआ।

कोर्ट का आदेश

सीएमओ के मुताबिक पोस्को कोर्ट के सामने लोक अभियोजन द्वारा 23 गवाहों को पेश किया गया। 95 दस्तावेजों की फाइल भी टेबल तक पहुंचाई गई थी।

कोर्ट ने तमाम सबूतों के आधार पर मामले को दुर्लभतम मानते हुए आरोपी को मौत की सज सुनाते हुए पोस्को अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया।

यह भी पढ़ें : राष्ट्रपति मुर्मू से विपक्षी पैनल की मुलाकात: राहुल गांधी ने उठाया 'वोट चोरी' का मुद्दा, महामहिम ने मांगा सबूत