GST Council का बड़ा फैसला, अब टैक्स अफसर नहीं कर सकेंगे गिरफ्तार? प्रॉसिक्यूशन की सीमा भी बढ़ी
GST Council: जीएसटी को लेकर कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार को हुई GST Council की बैठक में टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी से जुड़ी शक्तियों में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया गया है।
काउंसिल ने GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रॉसिक्यूशन शुरू करने की न्यूनतम सीमा भी बढ़ाने का फैसला किया गया है।
1 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़ रुपये हुई सीमा
GST Council ने प्रॉसिक्यूशन शुरू करने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी है। यानी अब 5 करोड़ रुपये से कम की टैक्स चोरी से जुड़े मामलों में प्रॉसिक्यूशन शुरू करने की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा। यह फैसला कारोबारियों और टैक्स से जुड़े मामलों में लंबे समय से उठाए जा रहे उत्पीड़न और कार्रवाई के डर से जुड़े सवालों के बीच अहम माना जा रहा है।
GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति पर बड़ा बदलाव
बैठक में GST अधिकारियों को दी गई गिरफ्तारी की शक्ति को हटाने पर भी सहमति बनी। इसका मतलब है कि टैक्स अधिकारियों की ओर से सीधे गिरफ्तारी करने से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जाएगा। GST लागू होने के बाद से ही टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को लेकर कारोबारियों के बीच बहस होती रही है। GST कानून के तहत गंभीर टैक्स चोरी और कुछ खास अपराधों में गिरफ्तारी का प्रावधान रहा है। GST Council के पुराने दस्तावेजों में भी गिरफ्तारी की शक्ति को सीमित करने और अलग-अलग आर्थिक सीमा तय करने पर चर्चा दर्ज है।
कारोबारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?
इस बदलाव का सीधा असर उन कारोबारियों और कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनके खिलाफ GST से जुड़े विवाद या टैक्स चोरी के आरोप लगते हैं। गिरफ्तारी की शक्ति हटाने और प्रॉसिक्यूशन की सीमा बढ़ाने से छोटे और मध्यम स्तर के टैक्स विवादों में आपराधिक कार्रवाई का खतरा कम हो सकता है। हालांकि, टैक्स चोरी के मामलों में विभाग की जांच और अन्य कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था अलग से बनी रह सकती है। GST Council के फैसलों को लागू करने के लिए संबंधित कानून, नियम या अधिसूचनाओं में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।