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अलविदा हरीश राणा...नम आंखों से परिवार ने दी अंतिम विदाई

Rajeev Singh · 25 मार्च 2026
Alvida Harish Rana: दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में बुधवार सुबह हरीश राणा को अंतिम विदाई दी गई।

Alvida Harish Rana:  दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में बुधवार सुबह हरीश राणा को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने उन्हें नम आंखों से विदा किया। हरीश राणा के निधन ने देशभर में इच्छामृत्यु और गरिमा के साथ मृत्यु के अधिकार पर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है।

मंगलवार को AIIM में हुआ था हरीश राणा का निधना

गाजियाबाद निवासी हरीश राणा भारत में पैसिव यूथेनेशिया (इच्छामृत्यु) की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति माने जाते हैं। उनका मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह पिछले 13 वर्षों से कोमा जैसी अवस्था में थे और लंबे समय से जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर थे।

मानवीय तौर पर हरीश का मामला बेहद महत्वपूर्ण

हरीश राणा का मामला कानूनी और मानवीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण बन गया था। उनके परिवार ने वर्षों तक इलाज के लिए देशभर के डॉक्टरों और विशेषज्ञों से संपर्क किया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अंत में परिवार ने उन्हें इच्छामृत्यु दिलाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की इजाजत

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति देते हुए एम्स प्रशासन को जीवनरक्षक उपकरण हटाने की मंजूरी दी। इसके बाद चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया पूरी की गई और हरीश राणा को जीवनरक्षक उपचार से मुक्त किया गया।

क्या है 'राइट टू डाई विद डिग्निटी'?

मंगलवार को एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका यह मामला भारत में 'राइट टू डाई विद डिग्निटी' यानी गरिमा के साथ मृत्यु के अधिकार से जुड़ी बहस का एक अहम उदाहरण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों के लिए कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इच्छामृत्यु का अधिकार क्यों महत्वपूर्ण है?

बुधवार को हुए अंतिम संस्कार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ परिचितों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर हरीश राणा को अंतिम विदाई दी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि असाध्य बीमारी और लंबे समय तक पीड़ा झेल रहे मरीजों के लिए इच्छामृत्यु का अधिकार कितना जरूरी है और इसके लिए कानूनी प्रक्रिया को कैसे और स्पष्ट बनाया जा सकता है।

Writen By: Geeta Sharma