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इटली में Giorgia Meloni का बड़ा एक्शन, क्या है योगी मॉडल से कनेक्शन?

Anurag Kumar Tripathi · 21 अक्टूबर 2026
Giorgia Meloni

Giorgia Meloni: यूरोप के कई देश आज जल रहे है, इटली, स्पेन से लेकर अर्जेंटीना, फ्रांस, बेल्जियम, अल्बानिया, सर्बिया और चिली में सड़कों पर उत्पात के हालात हैं। फ्रांस में दुकानों में तोड़फोड़ और उन्हें लूटा जा रहा है। इटली में भी प्रदर्शनकारियों का उत्पात देखने को मिल रहा है। इसी बीच इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने नया आदेश जारी कर दिया है।

नए आदेश में जेल और जुर्माना दोनों शामिल है। इस फैसले के बाद अब चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इटली में भी योगी मॉडल के तहत प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई होगी। चलिए आपको बताते है पूरी कहानी।

इटली में छाया CM Yogi Adityanath मॉडल!

इटली के मिलान समेत कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शनों दुकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ के बाद स्थिति चिंताजनक हो गई थी। इस सब को देखते हुए अब पीएम Giorgia Meloni ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर सुरक्षा नियमों को और सख्त करने का फैसला किया है।

Manifestare è un diritto, devastare le nostre città no. Ecco le misure che abbiamo approvato per contrastare la violenza e tutelare la sicurezza dei cittadini. https://t.co/kqk51X8YZa

— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) October 20, 2026

नए आदेश के मुताबिक, हिंसक प्रदर्शन में शामिल होने पर पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक का जुर्माना हो सकता है, साथ ही अगर नाबालिग तोड़फोड़ करता है, तो उसके माता-पिता को भी नुकसान की भरपाई करनी पड़ सकती है! ऐसा ही कुछ नियम यूपी में भी है, जिसके बाद अब चर्चाएं तेज हो गई है कि क्या इटली में भी योगी मॉडल अपनाया जा रहा है?

Giorgia Meloni के ऐलान से हड़कंप

कई शहरों में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर, इटली सरकार ने सुरक्षा उपायों के एक पैकेज को मंजूरी दी है। इन उपायों में हिंसक प्रदर्शनों के लिए जेल की सजा, दंगा करने वालों के लिए कठोर दंड, और उन माता-पिता पर आर्थिक जिम्मेदारी तय करना शामिल है, जिनके बच्चों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है। बता दें कि मिलान समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की थी।

क्या है योगी मॉडल

अगर योगी मॉडल की बात करें तो उत्तर प्रदेश में 2020 के कानून के तहत दंगों, विरोध-प्रदर्शनों या सार्वजनिक अशांति के दौरान संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दावा किया जा सकता है। प्रदर्शन के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से कानूनी प्रक्रिया के तहत हर्जाना वसूलने की व्यवस्था है।

आसान भाषा में कहे तो जिन्होंने तोड़फोड़ और संपत्ति का नुकसान किया होगा उनसे ही रकम बसूली जाएगी। पीएम के ऐलान के बाद अब सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या वहां भी योगी मॉडल अपनाया जा रहा है। भारत को लेकर भी इटली की पीएम हमेशा से सकारात्मक नजर आती है। हालांकि यह महज एक कयास है अधिकारिक तौर पर इटली की तरफ से योगी मॉडल का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

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