बांग्लादेश, नेपाल के बाद France में होगा सत्ता परिवर्तन! मैक्रों सरकार पर गहराया संकट, जानें सबकुछ
France: नेपाल, बांग्लादेश जैसी आग अब यूरोप के देशों में पहुंच चुकी है। बीते कुछ सालों से दुनियाभर में सत्ता परिवर्तन का दौर जारी है। श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश में हुई सत्ता परिवर्तन की आग यूरोप के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली देशों में से एक फ्रांस तक पहुंच गई है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर हजारों की संख्या में छात्र मैक्रों सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है। हालांकि इस दौरान बड़ी मात्रा में हिंसक घटनाएं भी देखने को मिल रही है। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या इन देशों के बाद अब फ्रांस का नंबर है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
सड़कों पर उतरे छात्र, सरकार की बढ़ी टेंशन
आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच फ्रांस में हाई स्कूल के छात्रों के प्रदर्शन ने सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। विरोध प्रदर्शन कई शहरों तक फैल चुके हैं और कुछ जगहों पर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई है।
स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने संकट बैठक बुलाई और मंत्रियों से अपने कार्यक्रमों को सीमित करने को कहा, ताकि सरकार प्रदर्शन की स्थिति पर ध्यान केंद्रित कर सके।
क्या फ्रांस में होगा सत्ता परिवर्तन?
यही सवाल इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में है। लेकिन मौजूदा स्थिति को सीधे सत्ता परिवर्तन की पुष्टि के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। राष्ट्रपति मैक्रों का कार्यकाल 2027 के राष्ट्रपति चुनाव तक है और उन्होंने सितंबर में संसद भंग करने की संभावना को भी खारिज किया था।
हालांकि राजनीतिक दबाव जरूर बढ़ रहा है। 2027 का राष्ट्रपति चुनाव नजदीक है और मैक्रों दोबारा राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में उनके राजनीतिक खेमे के भीतर भी उत्तराधिकारी को लेकर मुकाबला महत्वपूर्ण होता जा रहा है। दूसरी तरफ दक्षिणपंथी नेशनल रैली और उसके नेताओं की भूमिका भी आगामी चुनाव में अहम रहने वाली है।
जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है कि क्या पाकिस्तान, बांग्लादेश नेपाल के बाद अब फ्रांस में सत्ता परिवर्तन होगा।
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