'इसे 51वां राज्य बना..' वेनेजुएला को लेकर Donald Trump ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें सबकुछ
Donald Trump: कनाडा के बाद अब वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने एक बार सियासी हलचल मचा दिया है। कुछ महीने पहले अमेरिकी सेना वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को रातों रात उठाकर अमेरिका ले आए थे।
एक तरह से देखा जाए तो अभी इस देश पर अमेरिका का ही शासन है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला "जल्द ही किसी दिन" अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है, जहां राष्ट्रपति के बजाय एक निर्वाचित गवर्नर होगा।
उन्होंने टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में एक चुनावी रैली के दौरान वेनेजुएला के कच्चे तेल से लदे एक टैंकर को पेश करते हुए यह बात कही। अब सवाल यह कि क्या वेनेजुएला का अस्तित्व मिटने वाला है? चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी
वेनेजुएला बनेगा अमेरिका का 51वां राज्य?
अमेरिका के राष्ट्रपति समय-समय पर कुछ ऐसा बयान देते है जो दुनियाभर में चर्चा का विषय बन जाता है। कुछ महीने पहले वह लगातार कनााडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने पर जोर दिया था। वहीं अब उनकी नजर वेनेजुएला पर टिकी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला "जल्द ही किसी दिन" अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है।
अगर ऐसा होता है तो अमेरिका के पास कच्चे तेल का भंडार हो जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप का कार्याकाल खत्म होने में महज कुछ ही महीने का समय बच गया है। यही कारण है कि ट्रंप लगातार ऐसी बयानबाजी करते रहते है।
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की नजर क्यों है?
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले देशों में शामिल है। उसकी अर्थव्यवस्था में कच्चे तेल का महत्वपूर्ण स्थान है और अमेरिकी रिफाइनरियों के लिए भी वेनेजुएला का तेल उपयोगी हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बढ़ाने को अमेरिकी ऊर्जा नीति और ईंधन की कीमतों से जोड़कर पेश कर रहा है। टेक्सास की रैली में भी ट्रंप ने तेल की खेप को आर्थिक लाभ और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
हालांकि, तेल की आपूर्ति बढ़ने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी घटेंगी, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें वैश्विक मांग, उत्पादन, परिवहन लागत, रिफाइनिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियां शामिल हैं। इसलिए केवल तेल की एक खेप के आधार पर कीमतों में बड़ी गिरावट का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
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