टीएनपी न्यूज़
होम / विदेश
विदेश

Donald Trump के टैरिफ ज्ञान ने भारत की क्यों बढ़ाई चिंता? अमेरिकी राष्ट्रपति ने बता दिए फायदें, जानें सबकुछ

Anurag Kumar Tripathi · 2 अक्टूबर 2026
ट्रंप

Donald Trump: भारत और अमेरिका के बीच बीते कई महीनों से टैरिफ को लेकर तनातनी जारी है। गौरतलब है कि हाल ही में ट्रंप ने भारत-चीन समेत कई देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी। दरअसल भारत समेत कई देश की अमेरिका की चेतावनी के बाद भी रूस से तेल खरीद रहे है।

जिससे अमेरिका तिलमिलाया है। वहीं अब टेक्सास में अपने एक संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारी भरकम टैरिफ लगाने के फायदें बताए है। हालांकि वैश्विक परिदृश्य को देखते भारत के लिए यह चिंता की खबर है, क्योंकि अमेरिका-चीन की नजदीकियां लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही है। आईए आपको समझाते है पूरी स्थिति।

डोनाल्ड ट्रंप ने भारी भरकम टैरिफ के बताए फायदें

टेक्सास में अपने संबोधन के दौरान ट्र्ंप ने टैरिफ को लेकर जबरदस्त ज्ञान दिया और बताया कि अमेरिका के लोगों को इससे कैसे फायदा पहुंचेगा। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध करार दिया था। अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा, 'हमारे यहाँ और फ़ैक्टरियाँ बन रही हैं। पूरे देश में फ़ैक्टरियाँ और प्लांट बन रहे हैं, मैन्युफैक्चरिंग वापस आ रही है।

वे अपना सामान यहाँ बेचते थे, पैसे लेकर चले जाते थे और आपके हाथ कुछ नहीं लगता था, कोई नौकरी नहीं। लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ, हमने इसे बदल दिया। "हमारी मज़बूत टैरिफ़ पॉलिसी की वजह से, इस साल अमेरिकी एक्सपोर्ट इतिहास के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है - हमारे देश के इतिहास में।'

टैरिफ से भारत की बढ़ेगी टेंशन

बता दें कि हाल ही में अमेरिकी संसद में एक बिल पास हुआ था। जिसमे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव पास किया गया था। वहीं एक बार डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का मुद्दा उठाया है।

जिसके बाद सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या जल्द ट्रंप सरकार 100 प्रतिशत लगाने जा रही है। गौरतलब है कि अगर ऐसा होता है कि फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सामानों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

अमेरिका-चीन के बीच बढ़ रही है दोस्ती

हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग अमेरिका पहुंचे थे। जहां खुद डोनाल्ड ट्रंप प्रोटोकॉल को तोड़कर उन्हें रिसीव करने के लिए पहुंचे थे। जो बहुत कम बार ही होता है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि दोनों देशों के बीच कई तरह की डील भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो भारत के लिए यह अच्छी खबर नहीं होगा।