नोबेल नहीं मिलने पर नाराज फूफा बने Donald Trump, पिल्लई ने किया कटाक्ष
Donald Trump: पिछले कई सालों से अमेरिका के राष्ट्रपति नोबेल पुरस्कार की मांग कर रहे है, लेकिन हर बार यह खिताब किसी और को मिल जाता है। बीते दिन इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) की पूर्व जज भारतवंशी नावी पिल्लई को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था, जिसके बाद से ही नाराज फूफा बनकर ट्रंप घूम रहे है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उन्हें न चुने जाने पर नॉर्वे की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि जिन युद्धों को उन्होंने सुलझाया, उनमें से हर एक के लिए उन्हें यह पुरस्कार आठ बार मिलना चाहिए था। इस बयान के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता पिल्लई ने कटाक्ष किया है।
नोबेल नहीं मिलने पर नाराज फूफा बने ट्रंप
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को सिरैक्यूज़ में एक रैली को संबोधित करते हुए, "ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान को युद्ध में जाने से रोककर 50 मिलियन लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका को, जिसका प्रतिनिधित्व मैं आपके राष्ट्रपति के तौर पर कर रहा हूँ, नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं मिला।
और यह नॉर्वे देश और उन लोगों पर एक अमिट दाग है जिन्होंने इतना शर्मनाक और अपमानजनक फ़ैसला लिया। कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने, जो लोकतंत्र के विरोधी और असल में सभ्यता के दुश्मन हैं, नोबेल शांति पुरस्कार की साख को हमेशा के लिए धूमिल कर दिया है। नॉर्वे, हम यह नहीं भूलेंगे कि तुमने यह पुरस्कार नहीं दिया।"
पिल्लई ने ट्रंप पर किया कटाक्ष
तमिल मूल की 85 साल की दक्षिण अफ्रीकी कानून विशेषज्ञ पिल्लई ने ट्रंप को लेकर एक मजाक किया। एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, "अगर आप थोड़ी और तालियां बजाएं तो हो सकता है कि मैं यह पुरस्कार ट्रंप के साथ बांट लूं!" ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वकील की पोस्ट शेयर की जिसमें पिल्लई को नफरत करने वाला कहा गया और कहा गया कि इस पुरस्कार का अपमान हुआ है।