'भारी गिरावट आ रही..' इस्लाम को लेकर Donald Trump के बयान से दुनिया में हड़कंप, जानें सबकुछ
Donald Trump: मिडटर्म चुनावों में सीनेट की पांच सीटें और हाउस के आधे दर्जन से अधिक जिलों में जीत हासिल करने के बाद, डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण कर लिया है। इस नतीजे को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक सीधा जनादेश माना जा रहा है, जिन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया था कि वे ऐसा मानें, मानो वे खुद चुनावी मैदान में हैं।
इस नतीजे ने डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है। करारी हार के बाद अब ट्रंप ने इस्लाम को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
इस्लाम को लेकर Donald Trump ने दी तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "चुनाव नतीजों की वजह से स्टॉक मार्केट फ्यूचर्स में भारी गिरावट आ रही है, ठीक वैसे ही जैसे ब्राजील में कम्युनिस्टों की जीत के बाद हुआ था।
Stock market futures have been tanking due to the election results, just like they did in Brazil after the communists won there. This tells you what the investment market thinks of communism and Islam. Yet the financial markets in Argentina and other South American countries that rejected communism are booming.
— Commentary Trump Daily Posts (@TrumpDailyPosts) November 4, 2026
इससे पता चलता है कि निवेश बाजार कम्युनिज्म और इस्लाम के बारे में क्या सोचता है। इसके उलट, अर्जेंटीना और दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों में, जिन्होंने कम्युनिज्म को खारिज कर दिया है, वहां के वित्तीय बाजारों में तेजी आ रही है"।
आज रात जो हुआ, वह बस एक रुकावट है। अमेरिकी जज्बे को तोड़ा नहीं जा सकता। हम फिर से एकजुट होंगे, नई तैयारी करेंगे, और अमेरिका में आजादी के लिए और भी ज्यादा मजबूती से लड़ेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को बधाई दी, लेकिन रिपब्लिकन की हार के लिए खुद के चुनावी मैदान में न होने को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मंगलवार को आए मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद डेमोक्रेटिक नेताओं ने जीवन-यापन की लागत कम करने और ट्रंप प्रशासन की कड़ी जांच करने का वादा किया है।
डेमोक्रेट्स अब जनवरी में 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' और सीनेट का नियंत्रण संभालने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को अपने नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
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