वाराणसी में एयर शो क्यों कराया जा रहा है? गंगा के ऊपर गरजेंगे राफेल-तेजस, घाटों पर हाई अलर्ट; जानें पूरी तैयारी
Varanasi Air Show 2026: काशी में इन दिनों गंगा के घाटों से लेकर आसमान तक हलचल तेज है। कहीं घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, तो कहीं गंगा पार रेती पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। शहर की सड़कों और दीवारों को भी सजाया जा रहा है। वजह है भारतीय वायुसेना का प्रस्तावित भव्य एयर शो, जिसमें लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के हैरतअंगेज करतब देखने को मिलेंगे। इस आयोजन की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखी गई है।
एयर शो के जरिए भारतीय वायुसेना की हवाई ताकत, आधुनिक विमानों की क्षमताओं और पायलटों के कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन को लेकर वाराणसी में तैयारियां तेज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, उनके दौरे और एयर शो के अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
वाराणसी में एयर शो क्यों कराया जा रहा है?
एयर शो का प्रमुख उद्देश्य भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन के जरिए लोगों को देश की हवाई शक्ति से परिचित कराना है। गंगा के विशाल पाट के ऊपर होने वाला यह आयोजन काशी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिवेश के बीच वायुसेना के हवाई करतबों को प्रदर्शित करेगा।
इस तरह के आयोजनों से आम लोगों को वायुसेना के विमानों, उनकी उड़ान क्षमता और हवाई प्रदर्शन की बारीकियों को करीब से देखने का अवसर मिलता है। वाराणसी में इस आयोजन के साथ शहर को सजाने-संवारने की भी तैयारी है, ताकि देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के सामने काशी की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जा सके।
गंगा के ऊपर तेजस-राफेल की गर्जना, सारंग के करतबों ने बांधा समां
ग्रैंड रिहर्सल के दौरान गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की आवाजाही ने लोगों का ध्यान खींचा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तेजस और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों के साथ सारंग हेलीकॉप्टर टीम के एरोबेटिक प्रदर्शन ने रोमांच पैदा किया।
सुबह करीब आठ बजे से विमानों की आवाजाही शुरू हुई। घाटों पर मौजूद लोगों और आसपास के घरों की छतों से दर्शकों ने इस नजारे को देखा। वाराणसी के अलावा गाजीपुर और चंदौली के कुछ इलाकों में भी विमानों की गर्जना सुनाई दी। रिहर्सल के दौरान विमानों की तेज गति, नियंत्रित मोड़, ऊंचाई में बदलाव और हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन फ्लाइंग आकर्षण का केंद्र रही।
बाबतपुर, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई ठिकानों से उड़ान
एयर शो की तैयारियों में अलग-अलग हवाई ठिकानों के बीच समन्वय किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाबतपुर, प्रयागराज, गाजीपुर के अंधऊ और गोरखपुर स्थित ठिकानों से विमान और हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं।
गाजीपुर के अंधऊ हवाई पट्टी से चिनूक और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) की उड़ानों का भी उल्लेख किया गया है। अलग-अलग ठिकानों से उड़ान भरने वाले विमान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। वायुसेना के अधिकारियों की ओर से विस्तृत कार्यक्रम और विमानों की भागीदारी की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।
एयर शो के लिए घाट छावनी में तब्दील, जिले में हाई अलर्ट
आयोजन को देखते हुए गंगा घाटों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गंगा पार रेती पर दर्शकों के बैठने वाले स्थानों के आसपास 20 से 30 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की जानकारी है। सार्वजनिक स्थलों के साथ होटल और लॉज पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
रिहर्सल के दौरान गंगा में नावों का संचालन बंद रहने की बात सामने आई है। अधिकारियों के काफिलों की आवाजाही के समय कुछ मार्गों पर दूसरे वाहनों को रोकने की भी जानकारी है। सुरक्षा एजेंसियां बाहर से आने वाले लोगों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रही हैं। एयर शो के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियां अहम रहेंगी। नाव संचालन पर रोक और यातायात व्यवस्था से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी देखना जरूरी होगा।
23, 24 और 25 अक्टूबर को ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारी?
एयर शो के मद्देनजर शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध इनपुट में 23, 24 और 25 अक्टूबर को डायवर्जन का जिक्र है। वहीं, एयर शो की दूसरी जानकारी में 22, 24 और 25 अक्टूबर की तारीखें प्रस्तावित बताई गई हैं।
इस तारीख संबंधी अंतर को देखते हुए वाहन चालकों को सलाह है कि यात्रा से पहले वाराणसी ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी जरूर देखें। डायवर्जन के मार्ग, समय और प्रतिबंधों की पुष्टि होने के बाद ही सटीक जानकारी साझा की जानी चाहिए।
काशी की दीवारों पर दिखेगी गंगा घाटों की छटा
एयर शो के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट से नमो घाट तक प्रमुख मार्गों को सजाया जा रहा है। दीवारों पर गंगा की लहरों, घाटों, गंगा आरती और ‘सुबह-ए-बनारस’ से जुड़े दृश्य उकेरे जा रहे हैं। म्यूरल आर्ट, पेंटिंग और आकर्षक लाइटिंग के जरिए काशी की सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने की तैयारी है।
चौकाघाट से नमो घाट तक दुकानों और भवनों को एकरूप रंग में रंगने का काम भी चल रहा है। डिवाइडर पर डमरू, त्रिशूल और ॐ जैसे प्रतीकों वाले झंडे लगाए जाने की योजना है। पेड़ों, पुलों और बिजली के खंभों पर सजावटी रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
बाबतपुर एयरपोर्ट से नमो घाट तक मार्ग को रोशनी और रंगों से सजाने का काम किया जा रहा है। चौकाघाट पुल, कज्जाकपुरा फ्लाईओवर और नमो घाट के आसपास भी सौंदर्यीकरण की तैयारियां चल रही हैं।
प्रचंड से लेकर गजराज तक, इन विमानों पर रहेंगी नजरें
एयर शो में अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू, परिवहन और सहायक विमानों की भागीदारी कार्यक्रम के आधिकारिक शेड्यूल से स्पष्ट होगी। इनमें प्रमुख विमानों और हेलीकॉप्टरों की भूमिका इस प्रकार है।
प्रचंड हेलीकॉप्टर: भारत में विकसित हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर, जिसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए तैयार किया गया है।
इल्यूशिन IL-78MKI: हवा में दूसरे विमानों में ईंधन भरने वाला टैंकर विमान, जिससे लड़ाकू विमानों की उड़ान अवधि बढ़ाने में मदद मिलती है।
इल्यूशिन IL-76 ‘गजराज’: भारी सैन्य परिवहन विमान, जिसका इस्तेमाल सैनिकों, उपकरणों और रसद को पहुंचाने के लिए किया जाता है।
एयरबस C-295: मध्यम श्रेणी का सैन्य परिवहन विमान, जिसका उपयोग सैनिकों और सामान की ढुलाई सहित विभिन्न अभियानों में किया जा सकता है।
तेजस और राफेल: आधुनिक लड़ाकू विमान, जिनकी तेज गति और नियंत्रित उड़ान प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण हो सकती है।
सारंग हेलीकॉप्टर टीम: हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन फ्लाइंग और एरोबेटिक करतबों के लिए जानी जाती है।
इनमें से कौन-कौन से विमान किस दिन प्रदर्शन करेंगे, इसकी पुष्टि वायुसेना के आधिकारिक कार्यक्रम से ही होगी।
कब होगा एयर शो? आधिकारिक शेड्यूल का इंतजार
वाराणसी में एयर शो को लेकर तैयारियां तेज हैं और सुरक्षा से लेकर शहर के सौंदर्यीकरण तक कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी में 21 अक्टूबर को ग्रैंड रिहर्सल और 22, 24 तथा 25 अक्टूबर को एयर शो की तारीखें बताई गई हैं। दूसरी ओर, यातायात डायवर्जन की सूचना में 23 से 25 अक्टूबर का उल्लेख है।
ऐसे में आयोजन की तारीखों, विमानों की भागीदारी, प्रधानमंत्री के संभावित दौरे और आम लोगों के लिए प्रवेश व्यवस्था की अंतिम पुष्टि वायुसेना तथा जिला प्रशासन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जानी चाहिए।
और पढ़ें: नाइजीरिया में सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर हमला, 15 जवानों की मौत; आखिर भारत के लिए कैसे बढ़ सकता है खतरा?