दिलजीत दोसांझ के इंदौर कॉन्सर्ट से पटियाला पेग समेत 4 गानों पर प्रतिबंध, जाने मामला?
इंदौर में होने वाले दिलजीत दोसांझ के आगामी संगीत कार्यक्रम में नए सिरे से विवाद खड़ा हो गया है। जिले के बाल संरक्षण अधिकारियों ने आयोजकों को उनके चार गाने कार्यक्रम सूची से हटाने का निर्देश दिया है। गायक 15 नवंबर को अपने 'ऑरा इंडिया टूर' के तहत शहर में प्रस्तुति देने वाले हैं, लेकिन कार्यक्रम से पहले जारी एक नोटिस में उनके कुछ लोकप्रिय गानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध गानों के बोल और बच्चों पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए लगाया गया है।
यह संगीत कार्यक्रम सी-21 मॉल में आयोजित किया जाएगा, जहां पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को भी आने की अनुमति है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने आयोजन स्थल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम के दौरान चार गाने न बजाए जाएं। दिलजीत या उनकी टीम ने अभी तक इस निर्देश या प्रतिबंध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इंदौर में दिलजीत दोसांझ के किन गानों पर प्रतिबंध
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा 6 नवंबर को जारी नोटिस में चार गानों के नाम हैं: पटियाला पेग, 5 तारा, जीब विचो अफीम (जिसे केस के नाम से भी जाना जाता है) और जट्ट उठे फिर करदा। अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि इन गानों के बोल छोटे बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। चूंकि यह कार्यक्रम पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए खुला है, इसलिए मॉल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि ये गाने दिलजीत के प्रदर्शन का हिस्सा न हों।
इस नोटिस में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के जुलाई 2019 के एक आदेश का भी उल्लेख है। ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए, न्यायालय ने शराब, नशीली दवाओं और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त की थी। न्यायालय ने कहा था कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में "गीतों में शराब, मादक पदार्थों और हिंसा का महिमामंडन" हाल के दिनों में बढ़ा है।
अदालत ने आगे कहा, "ये गाने कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करते हैं।" उसने पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया था कि "यह सुनिश्चित किया जाए कि लाइव शो में भी शराब, मादक पदार्थों और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गाने न बजाए जाएं।"
अधिकारियों को नोटिस जारी करने के लिए किस बात ने प्रेरित किया?
यह नवीनतम निर्देश चंडीगढ़ स्थित प्रोफेसर पंडितराव धरेनवार द्वारा 1 नवंबर को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आया है। वे 2019 के मामले में भी याचिकाकर्ता थे और उन्होंने चार गानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्होंने अनुरोध किया कि दोसांझ इन गानों को "भले ही उनके बोल बदल दिए गए हों" न गाएं, जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश और केंद्र सरकार की नशा-विरोधी पहलों का हवाला दिया गया था।
उनकी शिकायत में संगीत कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने अधिकारियों से गायक को बच्चों को मंच पर बुलाने से रोकने का अनुरोध किया और बताया कि लाइव शो में ध्वनि का स्तर अक्सर 120 डेसिबल से अधिक होता है। उन्होंने यह चिंता भी व्यक्त की कि तेजी से चमकने वाली रोशनी "बच्चों में दौरे का कारण बन सकती है।"
पंडितराव ने दिलजीत के स्टेज कॉस्ट्यूम पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने अनुरोध किया कि गायक "दो क्रॉस किए हुए चांदी के बुलेट बेल्ट (जिन्हें बैंडोलियर भी कहा जाता है) या छाती पर नकली चांदी के कारतूस" न पहनें। उनकी शिकायत के अनुसार, ये "बंदूक के इशारे का प्रतीक होंगे जो हिंसक प्रकृति का है" और "दर्शकों को हिंसक व्यवहार करने के लिए उकसा सकते हैं।"
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस में फिलहाल केवल चार गाने ही शामिल हैं। इसकी प्रतियां इंदौर कलेक्टर, उप-विभागीय अधिकारी (राजस्व), महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक और विजय नगर पुलिस स्टेशन को भेजी जा चुकी हैं। निर्देशों के बारे में बात करते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया, “दिलजीत दोसांझ का संगीत कार्यक्रम 15 नवंबर को ट्वेंटी वन बिजनेस पार्क में होने वाला है।
हमें चंडीगढ़ से एक पत्र मिला है जिसमें ऐसे गीतों के बारे में बताया गया है जो नशीले पदार्थों, मादक पदार्थों या हथियारों का महिमामंडन करते हैं। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय केनिर्देशों का पालन करते हुए, हमने आयोजकों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ऐसे गीतों का प्रदर्शन न किया जाए, क्योंकि इनका बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।