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धर्मशाला नगर निगम में आखिर क्यों मचा बवाल? महापौर और विधायक के नाम पर विवाद

MADHVI TANWAR · 20 अक्टूबर 2026
धर्मशाला नगर निगम में आखिर क्यों मचा बवाल

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला नगर निगम में आज कार्रवाही के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। अब आप यह कहंगे की जब आमने बीजेपी और कांग्रेस होंगे तो हंगामा होना तय है। आपको बता दें कि इस बार हंगामे की असली वजह महापौर के नाम की पट्टिका और पिछली बैठक की कार्यवाही से विधायक का नाम हटाने के मुद्दे से गहमागहमी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के विधायक अपनी सीटों पर खड़े हो गए जिसके बाद स्थिति महासंग्राम की जैसी बन गई।

महापौर के नाम की पट्टिका से शुरू हुआ विवाद

धर्मशाला में नगर निगम के दूसरे जनरल हाउस में निर्माण कार्यों की गुणवक्ता, विकास कार्यों में देरी, पार्किंग और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दे को लेकर पार्षदों ने प्रशासन को आडे हाथ ले लिया। करीब तीन महीने बाद महापौर शमशेर नेहरिया की अध्यक्षता में बैठक हुई।

इसमें महापौर के नाम की पट्टिका लगाने और पिछली बैठक की कार्यवाही से विधायक का नाम हटाने का मामला जोरो शोरों से उठाया गया। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहसबाजी शुरु हो गई। धीरे-धीरे विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया था कि विधायकों को अपनी सीटों पर ही खड़े होकर मामले को शांत करना पड़ा।

ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की बात

बैठक में विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। क्योंकि तय समय पर निर्माण कार्यों को शुरु नहीं किया गया। कार्यों को लटकाने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया गया। लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की बात तक कह दी गई। साथ ही ठेकेदार को एक समय में 2 से ज्यादा काम न देने का प्रस्ताव रखा गया।

17 वार्डों के लिए 50 लाख

बरसात के समय आने वाली परेशानियों से निपटने के लिए नगर निगम के सभी 17 वार्डों के लिए 50 लाख रुपये दिए गए है। विकास कार्यों को जल्दी कराने के लिए ठेकेदारों की अलग से बैठक की जाएगी। पार्षदों ने वार्ड सभाएं आयोजित करने की मांग की। जिससे स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों पर लोगों की भागीदारी ली जाएगी।

बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, नालियों की सफाई और कूड़ा उठाने पर चर्चा की गई। बीपीएल और अंत्योदय सूची, सफाई शुल्क तथा हाउस टैक्स जमा करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं देने की मांग की गई। मैक्लोडगंज में बदहाल सीवरेज व्यवस्था सुधारने की बात भी हुई।

बनेगी पार्किंग, होगा पुल का काम

महापौर शमशेर नेहरिया ने भागसूनाग में वन विभाग की जमीन पर वन संरक्षण अधिनियम के तहत अनुमति मिलने के बाद 4 से 5 कनाल जमीन पर पार्किंग बनाई जाएगी। शहर के अन्य वार्डों में भी पार्किंग पर विचार किया जाएगा। भागसूनाग वाटरफॉल के पास प्रस्तावित पुल का मुद्दा भी उठा।

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