टीएनपी न्यूज़
होम / राज्य
राज्य

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप, बोले,'मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस...'

Geeta Sharma · 21 सितम्बर 2026
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप!

Dhanshu Trivedi: पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी की जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी हालिया टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की वैचारिक दिशा पर सवाल उठाए।

त्रिवेदी ने अंसारी की 2019 में प्रकाशित किताब के संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि उसमें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक कथित बयान का उल्लेख है। उनके मुताबिक, नेहरू ने कम्युनिज्म की तुलना में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को भारत के लिए अधिक गंभीर खतरा बताया था।

त्रिवेदी ने कांग्रेस की विचारधारा पर उठाए सवाल

बीजेपी नेता ने इस टिप्पणी को मौजूदा कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए पार्टी पर तीखा हमला किया। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि अंसारी के हवाले से सामने आया नेहरू का विचार कांग्रेस की वर्तमान वैचारिक दिशा और उसके राजनीतिक विमर्श को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कांग्रेस को 'मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस' बताते हुए दावा किया कि पार्टी अब वामपंथ की ओर बढ़ रही है। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि नेहरू का संदर्भ मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व, खासकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के राजनीतिक विमर्श को समझने में मदद करता है। हालांकि, ये टिप्पणियां बीजेपी नेता का राजनीतिक आकलन और आरोप हैं। इन्हें कांग्रेस की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

हामिद अंसारी ने एजी नूरानी का किया जिक्र

यह पूरा विवाद एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हामिद अंसारी के भाषण के बाद सामने आया। अंसारी ने दिवंगत संवैधानिक विशेषज्ञ और लेखक एजी नूरानी के लेखन तथा सांप्रदायिकता से जुड़े उनके विचारों को याद किया।

नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में 18 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम का विषय 'रिमेम्बरिंग ए पॉलीमैथ: द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ अब्दुल गफूर नूरानी' था। इसी कार्यक्रम में अंसारी ने नूरानी की किताब 'The RSS: A Menace to India' के परिचय में दर्ज संदर्भ का उल्लेख किया।

नेहरू के कथित बयान का संदर्भ

अंसारी के अनुसार, नूरानी ने अपनी किताब में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से जुड़े एक पुराने संदर्भ का इस्तेमाल किया था। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कथित विचारों को दर्ज करने वाले पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया का हवाला दिया गया।

ये भी पढ़ें: तोते को चढ़ा रील का भूत! खुद की वीडियो देख शुरू कर दिया डांस

अंसारी ने बताया कि उस संदर्भ में नेहरू ने भारत के लिए कम्युनिज्म की तुलना में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को बड़ा खतरा बताया था। अंसारी ने इसे नागरिक राष्ट्रवाद को चुनौती देने वाले मौजूदा रुझानों पर चर्चा के संदर्भ में पेश किया।