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SIR पर राहुल गांधी का बड़ा दावा, बेला एस्टेट में 728 में से 727 नाम कटे;  SDM को किया फोन

Shailesh Yadav · 29 सितम्बर 2026
SIR पर राहुल गांधी का बड़ा दावा

नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती का दौरा किया और वहां रहने वाले लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं। राहुल गांधी ने दावा किया कि SIR के बाद इलाके के 728 लोगों में से 727 के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जबकि सिर्फ एक नाम सूची में बचा है। 

दशकों से यहां रह रहे, चुनावों में डाल चुके हैं वोट

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि बेला एस्टेट में रहने वाले ये लोग लंबे समय से इसी इलाके में रह रहे हैं। उनके मुताबिक, इन लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी मतदान किया था। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वर्ष 2023 में उनके घर तोड़े गए थे, लेकिन इसके बावजूद लोग इलाके से कहीं नहीं गए और अब भी वहीं रह रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि वह बस्ती में जाकर सीधे लोगों से मिले और उनसे यह समझने की कोशिश की कि SIR के दौरान उनके साथ क्या हुआ।

मौके से ही SDM को लगाया फोन

राहुल गांधी ने बेला एस्टेट से ही संबंधित SDM को फोन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इलाके में 728 लोग रहते हैं और पहले उनके नाम मतदाता सूची में थे, तो SIR के बाद केवल एक व्यक्ति का नाम ही सूची में क्यों बचा।

राहुल गांधी ने प्रशासन से यह भी पूछा कि 727 लोगों के नाम किस आधार पर हटाए गए हैं। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के पास घर है या नहीं, इसका उसके मतदान के अधिकार से सीधा संबंध नहीं होना चाहिए।

चुनाव आयोग के आंकड़ों में 729 में से 728 नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर

बेला एस्टेट मामले को लेकर पहले सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित पोलिंग पार्ट में SIR से पहले 729 मतदाता दर्ज थे, जबकि 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में केवल एक नाम बचा। यानी 728 नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं थे। प्रशासन की ओर से इन नामों को अलग-अलग कारणों, जैसे मृत, डुप्लीकेट और शिफ्टेड, की श्रेणियों में रखा गया था। 

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, पुराने रिकॉर्ड में कई मतदाताओं के पते पर सिर्फ 'Agriculture' दर्ज था। प्रशासन का कहना है कि इलाके में खेती की गतिविधियां 2021 में बंद हो गई थीं और 2022-23 के दौरान वहां बने मकान और अन्य आवासीय ढांचे हटा दिए गए। SIR के दौरान BLO को पुराने रिकॉर्ड में दर्ज पते पर मतदाताओं की स्थिति सत्यापित करनी थी। 

नाम कटने वालों के पास दावा

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के मुताबिक, SIR का ड्राफ्ट रोल 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया गया है। ड्राफ्ट में नाम नहीं मिलने वाले पात्र मतदाता Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। CEO दिल्ली ने ASDD सूची भी जारी की है, जिसमें ड्राफ्ट रोल से बाहर किए गए मतदाताओं और हटाए जाने के कारणों की जानकारी उपलब्ध है। 

यह वोट चोरी का तरीका

राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि 'हाउस नंबर 0' का प्रावधान बेघर लोगों के लिए है, इसके बावजूद 727 लोगों के नाम हटाए गए। उन्होंने इसे SIR नहीं बल्कि 'वोट चोरी का एक तरीका' बताया। यह राहुल गांधी का आरोप है, चुनाव अधिकारियों ने नामों को हटाए जाने के पीछे रिकॉर्ड में दर्ज पते और निवास की स्थिति में बदलाव को कारण बताया है।