दिल्ली में प्रदूषण पर सरकार का एक्शन प्लान, हॉटस्पॉट की होगी मैपिंग; पटपड़गंज-अनंद विहार पर सख्ती
Delhi Pollution Control: दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जिला स्तर पर रणनीति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पूर्व, उत्तर-पूर्व, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व जिलों की समीक्षा बैठक की। इसमें प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान, हॉटस्पॉट की मैपिंग और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया।
बैठकों में क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी (DM), DCP, MCD के डिप्टी कमिश्नर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
AQI के आधार पर चिन्हित होंगे प्रदूषण हॉटस्पॉट
सरकार के मुताबिक, AQI मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर जिलों में प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान और मैपिंग की जाएगी। इन इलाकों में रोड डस्ट, ट्रैफिक जाम, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा, अवैध पार्किंग और खुले में कचरा या बायोमास जलाने जैसे स्रोतों की जांच होगी। जरूरत के अनुसार हॉटस्पॉट के आसपास करीब 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण पैदा करने वाली गतिविधियों का भी आकलन किया जाएगा। इसके बाद स्रोत के हिसाब से एक्शन प्लान तैयार होगा, जिसमें जिम्मेदार एजेंसी और कार्रवाई की समयसीमा तय की जाएगी।
निर्माण कार्य में नियम तोड़ने पर होगी सख्ती
पर्यावरण मंत्री ने निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा खुले में कचरा, प्लास्टिक, रबर, कपड़ा, फाइबर, औद्योगिक अवशेष और अन्य ज्वलनशील सामग्री जलाने पर रोक को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
31 अक्टूबर तक पूरे होंगे जरूरी सिविल वर्क
सरकार के मुताबिक, गड्ढों की मरम्मत, ब्राउन एरिया के उपचार और विकास समेत सड़क एवं सड़क किनारे के लंबित सिविल कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर 31 अक्टूबर तक, जहां संभव हो, पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जहां किसी जरूरी काम के कारण सड़क की अंतिम मरम्मत बाद में करनी पड़ेगी, वहां काम पूरा होने तक लगातार पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम करने होंगे।
PM10 और PM2.5 पर विशेष निगरानी
भारी ट्रैफिक, भारी वाहनों की पार्किंग, ज्यादा रोड डस्ट और ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में PM10 और PM2.5 की विशेष निगरानी की जाएगी। जहां पार्टिकुलेट मैटर का स्तर अधिक मिलेगा, वहां लक्षित निरीक्षण कर प्रदूषण के स्रोत की पहचान और तत्काल कार्रवाई की जाएगी। भविष्य के संबंधित सड़क कार्यों में तकनीकी रूप से संभव होने पर सड़क और संबंधित किनारे वाले क्षेत्रों में पूरी तरह कार्पेटिंग या पक्की सतह विकसित करने का प्रावधान शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पटपड़गंज और आनंद विहार पर खास नजर
समीक्षा बैठक में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया और आनंद विहार बस टर्मिनल पर क्षेत्र-विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पटपड़गंज में संवेदनशील स्थानों पर लगातार पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे, खासकर जहां सड़क या अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहीं आनंद विहार बस टर्मिनल पर बसों और भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर क्रेन की मदद से ऐसे वाहनों को हटाने या टो करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम बढ़ने और वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग, DPCC, PWD, MCD, ट्रैफिक पुलिस, DSIIDC, I&FC, DJB, DMRC, NHAI समेत संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने और नागरिकों की शिकायतों, खासकर हेल्पलाइन 311 के जरिए मिलने वाली शिकायतों का जल्द समाधान करने को कहा गया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण जहां पैदा हो रहा है, कार्रवाई भी वहीं केंद्रित की जाएगी। जिला स्तर की योजना, AQI मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर संयुक्त कार्रवाई के जरिए प्रदूषण के मूल कारणों पर काम करने का लक्ष्य रखा गया है।