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दिल्ली की हवा में जहर घोल रहा पंजाब! पराली रोकने में क्यों पिछड़ी AAP सरकार?

MADHVI TANWAR · 3 नवम्बर 2026
पंजाब में पराली का जलना लगातार जारी

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली की आबोहवा इस समय जहरीली हो चुकी है। आम लोगों का सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। लगातार AQI में गिरावट दर्ज की जा रही है। इस जहरीली हवा के कारण लोगों में आंखों की समस्या भी बढ़ गई है। दिल्ली की हवा में जहर घोलने का काम पंजाब ने किया। भगवंत मान की आप सरकार लगातार पराली जलाने के मामले रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

पुलिस और प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्रवाई के दावे भी हवा हवाई साबित हुए लेकिन सबसे बड़ा सवाल दिल्ली की जनता का पंजाब सरकार से यही है अगर आपके प्रदेश में पराली जलाने पर कार्रवाई की जा रही है, तो दिल्ली की हवा इतनी जहरीली कैसे हो रही है।

पंजाब सरकार पहुंचा रही हवा को नुकसान

दिल्ली अपनी हवा को साफ करने पर काम कर रही दिल्ली सरकार के लिए AAP की पंजाब सरकार बड़ी समस्या बन चुकी है। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के सीएम भगवंत मान से पराली जलाने की तीखी आलोचना की।

दरअसल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली साल भर काम करके अपनी हवा साफ करने में लगी है। लेकिन AAP की पंजाब सरकार खेतों में आग, नकली डेटा और राजनीतिक नियुक्तियों की वजह से इसी साफ हवा को बार-बार नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है।

जो नैरेटिव मैनेज करता है वो प्रदुषण कैसे रोक सकता है

मंत्री सिरसा ने आप सरकार के खिलाफ तीखे शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि AAP की दिल्ली प्रवक्ता और अरविंद केजरीवाल की रिश्तेदार रीना गुप्ता को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरपर्सन बनाया गया है। उनसे पहले एक एनवायरनमेंटल साइंटिस्ट इस पद को संभाल रहे थे। उनसे पहले सीनियर IAS ऑफिसर और एक्सपर्ट इस पोस्ट पर थे। लेकिन CM भगवंत मान ने महज केजरीवाल के एक इशारे पर पार्टी का स्पोक्सपर्सन चुन लिया गया। एक रेगुलेटर को पार्टी ऑफिस बनाया गया जो नैरेटिव मैनेज करता है। वो प्रदुषण को रोकने का काम कैसे कर सकता है।

आप के ऑड-ईवन जैसे स्टंट भी फेल साबित

दिल्ली के पूर्व AAP पर्यावरण मंत्री की सलाहकार के तौर पर दिल्ली को एक स्मॉग टावर दिया जो 2 साल तक चला ही नहीं। ऑड-ईवन जैसे स्टंट भी फेल साबित हुए। दिल्ली सरकार अपनी जनता को साफ हवा देने पर काम कर रहा ही। लेकिन पंजाब में AAP की सरकार उसी साफ हवा को लगातार खराब करती दिखाई दे रही है। पंजाब पुलिस अपने रिकॉर्ड से खेत में आग लगने का डेटा पेश करते हैं. 28 अक्तूबर के आंकड़ों पर ही ध्यान दिया जाए तो अकेले तरनतारन में पुलिस ने पराली जलाने की 90 FIR दर्ज की है।

वहीं जब पंजाब की बात की जाए तो ऑफिशियल गिनती 96 है। 24 से 31 अक्टूबर तक तरनतारन में 271 FIR दर्ज हुई, जिनमें से 189 पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ थीं। किसानों ने आप की सरकार से मशीनें और मदद मांगी। लेकिन पंजाब सरकार ने उन पर FIR दर्ज कर दी। अगर पुलिस इसी एनर्जी से ड्रग तस्करों का पीछा करे तो पंजाब में रंगला पंजाब बन जाएगा।

दिल्ली और यूपी से नहीं आया पराली जलाने का मामला

भारत सरकार के सैटेलाइट मॉनिटरिंग डेटा (ICAR-IARI) के आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो, AAP की पंजाब सरकार ने महज 7 दिनों में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक खेतों में आग लगने की 933 घटनाएं दर्ज की। यानी हर दिन औसतन 133। रविवार के आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो पूरे पंजाब में खेतों में आग लगने की 175 घटनाएं दर्ज की गईं। जबकि हरियाणा में 7 और उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कोई भी घटना दर्ज नहीं की गई।

किसानों तक विज्ञापन पहुंचे मशीने नहीं

केंद्र ने 2018-19 से 2025-26 तक फसल अवशेष मैनेजमेंट स्कीम के तहत पंजाब को 2,056.50 करोड़ रूपये जारी किए। 2026-27 के लिए तय 592.57 करोड़ में से 430.87 करोड़ रूपये पहले ही जारी किए गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यूटिलाइज़ेशन सर्टिफिकेट मांगे हैं, जो पंजाब सरकार देने में नाकाम रही है। मशीनें किसानों तक नहीं पहुंचीं। विज्ञापन पहुंचे।

दिल्ली वालों को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बुलेटिन पर ध्यान दें तो दिल्ली में सोमवार तक अच्छे, संतोषजनक या मध्यम श्रेणी में 220 दिन दर्ज किए गए। जो पहले से ही 2024 (209) और 2025 (200) के पूरे साल के योग से अधिक है। रविवार से दिल्ली में 50 प्रतिशत लोग घर से काम कर रहे हैं। ऑफिस का समय अलग-अलग है। पार्किंग चार्ज दोगुना कर दिया गया है। दिल्ली के बाहर से नॉन-BS-VI गाड़ियों की एंट्री पर बैन है। AI कैमरे करीब 700 कंस्ट्रक्शन साइट पर नज़र रख रहे हैं।

60 मॉनिटरिंग स्टेशन अब चल रहे हैं। 500 पेट्रोल पंप बिना वैलिड PUC वाली गाड़ियों को फ्यूल देने से मना कर रहे हैं। सिरसा के मुताबिक पहले ही दिन 14,930 गाड़ियों की चेकिंग की गई और 68.4 लाख रूपये की पेनल्टी लगाई गई। दिल्ली वालों को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद। पंजाब के किसानों को FIR की नहीं, मशीनों की ज़रूरत है। दिल्ली को साफ़ हवा की ज़रूरत है। AAP के बदले की नहीं।

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