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तिब्बत की आजादी के लिए 150 से ज़्यादा तिब्बतियों ने किया आत्मदाह, युंगद्रुंग की 14वीं बरसी पर CTA ने जारी किया संदेश

Pradeep Singh · 29 सितम्बर 2026
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन

धर्मशाला: केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) ने 2012 में आत्मदाह प्रदर्शन में जान गंवाने वाले तिब्बती नागरिक युंगद्रुंग (Yungdrung) को उनकी घटना की 14वीं बरसी पर याद किया। सीटीए के सूचना एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के तिब्बत एडवोकेसी सेक्शन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर युंगद्रुंग के मामले और उससे जुड़ी जानकारी को सामने रखा।

2012 में चमडो क्षेत्र में हुई थी घटना

सीटीए के अनुसार, युंगद्रुंग का जन्म तिब्बत के कर्मा टाउनशिप, चामडो (चामडो) में हुआ था और वह कथित तौर पर ज़ातोए काउंटी में छोटा व्यवसाय चलाते थे। पोस्ट के अनुसार, 29 सितंबर 2012 को शाम करीब 7 बजे युंगद्रुंग ने तिब्बत के खाम क्षेत्र में युशू तिब्बती स्वायत्त प्रांत के ज़ातोए काउंटी शहर की मुख्य सड़क पर आत्मदाह किया था।

सीटीए के अनुसार, आग की लपटों में संवर्धन युंगद्रुंग ने तिब्बत की आजादी और दलाई लामा व 17वें ग्यालवा करमापा की तिब्बत वापसी की मांग की थी।

सीटीए ने घटना से जुड़े दावे साझा किए

सीटीए द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और युंगद्रुंग को स्थानीय अस्पताल ले गया।

सीटीए ने दावा किया कि बाद में अधिकारियों ने परिवार को उनकी मौत की जानकारी दी और शव परिवार को वापस नहीं सौंपा गया। CTA ने यह भी कहा कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और यात्रा प्रतिबंध लगाए गए।  

तिब्बती आत्मदाह मामलों का रिकॉर्ड रखता है सीटीए

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन लंबे समय से तिब्बती आत्मदाह मामलों का रिकॉर्ड साझा करता रहा है। सीटीए के अनुसार, 2009 के बाद से 150 से ज़्यादा तिब्बतियों ने आत्मदाह किया है। इन घटनाओं ने तिब्बत से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है।

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