टीएनपी न्यूज़
होम / राज्य
राज्य

'गाय की कुर्बानी तो जरूर होगी...',बकरीद से पहले हुमायूं कबीर का विवादित बयान

Rajeev Singh · 21 मई 2026
पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले सियासी माहौल एक बार फिर गर्माता नजर आ रहा है। इस बार विवाद की वजह बने हैं।

पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले सियासी माहौल एक बार फिर गर्माता नजर आ रहा है। इस बार विवाद की वजह बने हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर, जिन्होंने गाय की कुर्बानी को लेकर ऐसा बयान दिया है। जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि समर्थक इसे धार्मिक अधिकारों से जोड़कर देख रहे हैं।

'कुर्बानी तो होगी ही'

हुमायूं कबीर ने कहा कि कुर्बानी की परंपरा 1400 साल पुरानी है और यह तब तक जारी रहेगी,जब तक दुनिया कायम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुर्बानी तो होगी ही और कोई भी इसे रोक नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सरकार या नेता की ओर से इसे रोकने की कोशिश की जाती है,तब भी लोग उसे नहीं मानेंगे।

'धार्मिक परंपराओं को बंद नहीं किया जा सकता'

उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार और विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी पर भी टिप्पणी की। कबीर ने कहा कि सरकार एक दिन कुछ कहती है और दूसरे दिन कुछ और,इसलिए वे इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि मुसलमानों को गाय खाने से रोकने की बात कही जा रही है,लेकिन धार्मिक परंपराओं को बंद नहीं किया जा सकता।

हुमायूं कबीर के बयान से बढ़ा विवाद

सबसे ज्यादा विवाद उनके उस बयान पर हुआ,जिसमें उन्होंने कहा कि गाय,बकरी,ऊंट और दुम्बा जैसे सभी जानवरों की कुर्बानी होगी,जिन्हें इस्लाम में जायज माना गया है। उन्होंने दावा किया कि इसे रोकना किसी के बस में नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। बकरीद से पहले दिए गए इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ा असर डाल सकता है।

Written By: Geeta Sharma