ज्ञानेश कुमार को हटाने तक हर दिन जंतर-मंतर मार्च करेगा CJP, हिरासत के बाद बड़ा ऐलान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब और तेज होने के संकेत दे रहा है। कॉकroach जनता पार्टी (CJP) और कई छात्र संगठनों ने ऐलान किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया नहीं जाता या वह इस्तीफा नहीं देते, तब तक हर दिन जंतर-मंतर की ओर मार्च किया जाएगा।
शनिवार को दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत पार्टी के कई नेता भी हिरासत में हैं। संगठन ने कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटने की बात कही है। वहीं, बीजेपी ने प्रदर्शन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों का विरोध किया है।
हर दिन जंतर-मंतर मार्च करेगा CJP
CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाए जाने तक हर दिन जंतर-मंतर की ओर मार्च किया जाएगा। शिंदे को अभिजीत दीपके की गैरमौजूदगी में प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई थी। CJP और छात्र संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संगठन के नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और हिरासत में लिए गए कुछ लोगों के बारे में तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई। CJP ने यह भी दावा किया कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। पुलिस की ओर से उन्हें अंतिम संस्कार के लिए जाने की अनुमति दिए जाने की बात कही गई, हालांकि खबर लिखे जाने तक उनकी रिहाई की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
छात्र संगठनों ने देशभर में प्रदर्शन का किया ऐलान
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने छात्र संगठनों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रविवार से देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। भट्टाचार्य के मुताबिक, जहां भी पुलिस बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकेगी, वहां विरोध जारी रखा जाएगा। इससे पहले दिल्ली में हिरासत में लिए जाने से पहले आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि जहां उन्हें रोका जाए, वहीं बैठकर विरोध दर्ज कराएं। इस बीच कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने भी सोमवार को प्रदर्शन की योजना बनाई है। राहुल गांधी के मुताबिक, गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपने वाले हैं।
दिल्ली में 1,500 से ज्यादा हिरासत में, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली में 1,500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने से रोकने के लिए कार्रवाई की। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 25 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए जाने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के गेट बंद किए गए, 250 से अधिक ट्रेनें रद्द हुईं और जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं। इन व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों के बयानों और आधिकारिक जानकारी पर नजर बनी हुई है।
वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष की मांग, बीजेपी ने किया बचाव
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे गए ज्ञापन में विपक्ष ने कई मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देने वाले 2023 के कानून को वापस लेना, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकना और हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करना शामिल है। ज्ञापन में बैलेट पेपर से चुनाव कराने और कुछ विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी की गई।
रविशंकर प्रसाद ने किया बचाव
दूसरी ओर, बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने कहा कि देश का शासन संसद के जरिए चलेगा, सड़कों पर नहीं। इस बीच मुंबई में भी प्रदर्शन के समर्थन में करीब 200 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। इनमें महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी और अभिनेता इमरान खान भी शामिल बताए गए हैं। अहमदाबाद और चेन्नई समेत अन्य शहरों से भी प्रदर्शन की खबरें आई हैं।