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बुखार ठीक होने के बाद भी सीने में जकड़न! तो इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Geeta Sharma · 15 सितम्बर 2026
बुखार के बाद भी सीने में जकड़न, इन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें ( AI Photo )

बुखार संक्रमण के दौरान शरीर एक सामान्य प्रतिक्रिया के रूप में आता है, जो दवा लेने ठीक हो जाता है। लेकिन बुखार में ठीक होने के बाद भी सीने में जकड़न, भारीपन, खांसी या सांस लेने में परेशानी बनी रहती है, तो इसे भूलकर भी नजरअंदाज न करें। क्योंकि सीने में जकड़न के कई कारण भी हो सकते हैं। वहीं कुछ लोगों में संक्रमण के बाद लंबे समय तक खांसी और छाती में भारीपन भी बना रहता है।

निमोनिया के संभावित लक्षण

निमोनिया के लक्षण व्यक्ति की उम्र और संक्रमण की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य लक्षणों में लगातार या बढ़ती हुई खांसी, बुखार, ठंड लगना, सांस फूलना, सीने में दर्द या जकड़न और अत्यधिक थकान शामिल हो सकते हैं। अगर बुखार ठीक होने के बाद दोबारा तेज बुखार आने लगे, खांसी लगातार बढ़ती जाए या पहले की तुलना में सांस लेने में अधिक परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें?

कुछ संकेत गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं। यदि सीने में जकड़न के साथ सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी हो, तेज सीने में दर्द हो, होंठ या चेहरा नीला पड़ने लगे, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या खांसी के साथ खून आए, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। इसी तरह, सामान्य गतिविधियां करने के दौरान भी सांस फूलना, तेजी से बिगड़ती खांसी या बुखार का दोबारा बढ़ना भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।

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रिकवरी के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

पर्याप्त आराम करें और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी और अन्य स्वस्थ तरल पदार्थ लें। संतुलित और पौष्टिक आहार भी रिकवरी में मदद कर सकता है। तबीयत बेहतर होने पर धीरे-धीरे सामान्य शारीरिक गतिविधियों की ओर लौटें और जरूरत के अनुसार आराम करें।

बिना डॉक्टर की सलाह कोई दवा न लें

बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड जैसी दवाएं शुरू न करें। हर खांसी या बुखार बैक्टीरियल संक्रमण के कारण नहीं होता, इसलिए दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

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काम का तनाव कम करने के लिए पर्याप्त नींद, हल्की शारीरिक गतिविधि और आराम के लिए समय निकालना भी जरूरी है। संक्रमण के बाद लक्षण गंभीर हो रहे हों या ठीक होने के बजाय लगातार बढ़ रहे हों, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें।