चंद्रबाबू नायडू का जगन मोहन रेड्डी पर हमला, बोले- Gen Z को सियासी मोहरा बना रही YSRCP
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि वह युवाओं यानी जेन जी (Gen Z) का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। नायडू ने चुनावी संस्थाओं को लेकर जगन के रुख पर भी सवाल उठाए और उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को युवाओं की भावनाओं और आकांक्षाओं का इस्तेमाल अपने हितों के लिए करने के बजाय उनके बेहतर भविष्य के लिए काम करना चाहिए।
चुनाव आयोग पर जगन के रुख को लेकर उठाए सवाल
चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी चुनावी अधिकारियों के फैसलों का समर्थन तभी करते हैं, जब वे उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल होते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान राज्य चुनाव आयुक्त को सार्वजनिक आलोचना, कानूनी चुनौतियों और कथित धमकियों का सामना करना पड़ा था। नायडू के मुताबिक, उस समय आयुक्त को केंद्र से सुरक्षा मांगने तक की नौबत आई थी।
मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर जगन के रुख पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उनका रवैया राजनीतिक सुविधा के हिसाब से बदलता है।
युवाओं को अपराध की ओर धकेलने का भी लगाया आरोप
नायडू ने कहा कि युवा भावनात्मक और महत्वाकांक्षी होते हैं, ऐसे में राजनीतिक नेताओं द्वारा उन्हें गुमराह किए जाने से उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गुटीय नेता और आपराधिक तत्व युवाओं को पहले छोटे अपराधों में शामिल करते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें गंभीर अपराधों की ओर धकेलते हैं। मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि यदि राजनीतिक दल ऐसे तत्वों को संरक्षण देते हैं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नायडू ने राजनीति में चरित्र, अनुशासन और मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नेताओं को युवाओं को अपराध से दूर रखने और उन्हें सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
चुनाव आयुक्त से मिले थे जगन मोहन रेड्डी
यह बयान ऐसे समय आया है, जब वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को विजयवाड़ा स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने नगरपालिका चुनावों की नामांकन प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखीं।
जगन ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग भी की। उन्होंने 2023 के कानून की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन में केवल सत्तारूढ़ दल की भूमिका नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि चयन प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया जाना चाहिए।
आंध्र प्रदेश में चुनावी संस्थाओं की भूमिका, नियुक्ति प्रक्रिया और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।
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