जिंदगी और मौत के बीच डटे रहे कैप्टन स्मित, परिवार से मिले राजदूत; भारत ने कहा-देश को आप पर गर्व है
नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए खौफनाक कॉकपिट विवाद के बाद भारत ने पायलट कैप्टन स्मित मछार और उनके परिवार के प्रति एकजुटता जताई है। अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास के राजदूत दीपक मित्तल और दुबई में भारत के कांसुल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन स्मित के परिवार से मुलाकात की और सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दोनों अधिकारियों ने कैप्टन स्मित के परिवार से मुलाकात कर भारत सरकार के अटूट समर्थन का संदेश दिया। दूतावास ने कैप्टन स्मित की बहादुरी और निस्वार्थ सेवा पर गर्व जताया।
पीएम मोदी ने भी की थी पायलट की तारीफ
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है। पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया आज भारतीय पायलट के साहस पर गर्व कर रही है।
क्या हुआ था फ्लाइट में?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कथित तौर पर हुए विवाद में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति को देखते हुए विमान का रुख बदलकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर किया गया, जहां विमान को सुरक्षित उतारा गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फ्लाईदुबई ने जांच पूरी होने तक इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
13 साल से ज्यादा का उड़ान अनुभव
कैप्टन स्मित मछार को व्यावसायिक विमानन का 13 साल से अधिक का अनुभव है। उनके पास करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है और उन्होंने मुख्य रूप से बोइंग 737 विमान उड़ाए हैं। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में काम किया, जहां वह लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के पद पर भी रहे। इस घटना के बाद भारतीय अधिकारियों का परिवार से मिलना कैप्टन स्मित के प्रति भारत के समर्थन और सम्मान को दर्शाता है।
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