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कॉकपिट के हमले ने तोड़ दी खोपड़ी, मगर हौसला नहीं... कैप्टन स्मित के हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट

Shailesh Yadav · 6 अक्टूबर 2026
कैप्टन स्मित के हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट

Captain Smit Machchhar Health Update: फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के कथित हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हुए हमले में उनकी खोपड़ी में गंभीर चोट आई थी। चोट का असर उनकी नजर और न्यूरोलॉजिकल स्थिति पर भी पड़ा है। सऊदी अरब में उनकी सर्जरी के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रख रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, स्मित को अभी भी तेज सिरदर्द की शिकायत है। दर्द को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर उन्हें तेज असर वाली दवाएं दे रहे हैं। उनकी नजर और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी स्थिति की भी लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि, इतनी गंभीर चोट के बावजूद कैप्टन स्मित का हौसला कम नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि वह सकारात्मक बने हुए हैं और जल्द से जल्द दोबारा विमान उड़ाने की इच्छा जता चुके हैं।

हमले के बाद क्या हुआ था?
फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान कॉकपिट में कथित तौर पर को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया था। बताया गया कि हमले में कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद विमान की स्थिति अचानक बेहद संवेदनशील हो गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, स्मित का बयान जांच एजेंसियां दर्ज कर चुकी हैं। उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए यह बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ और हमले के पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।

इजरायल ने विमान को मार गिराने की तैयारी क्यों की?
इसी घटना को लेकर इजरायल से भी एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। CBS News की रिपोर्ट में दो इजरायली सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हमले के बाद विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया और कॉकपिट से संपर्क का जवाब नहीं मिला। ऐसे में इजरायल ने संभावित खतरे को देखते हुए विमान को मार गिराने तक की तैयारी कर ली थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में 150 से ज्यादा इजरायली यात्री सवार थे। हमले के बाद इजरायली वायुसेना ने विमान से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो एक कमांड सेंटर बनाया गया और हवाई क्षेत्र को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए। लड़ाकू विमानों को स्थिति का जायजा लेने के लिए तैयार रखा गया।

अगर विमान इजरायल की तरफ बढ़ता तो क्या होता?
CBS News के मुताबिक, अगर विमान बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्धारित दायरे की ओर बढ़ता, तो इजरायली लड़ाकू विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में जाकर विमान की स्थिति का आकलन करने की कोशिश करते। लड़ाकू विमान के पायलट विमान के जितना संभव हो उतना करीब जाकर कॉकपिट के भीतर देखने की कोशिश करते। अगर उन्हें विमान के अंदर असामान्य स्थिति या अफरा-तफरी नजर आती, तो इसकी सूचना इजरायली वायुसेना और पहले से गठित समिति को दी जाती।

अगर समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचती कि विमान हाईजैक हो चुका है और कॉकपिट से रेडियो संपर्क भी स्थापित नहीं हो पा रहा है, तो मामला इजरायल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तक पहुंचता। रिपोर्ट के अनुसार, यात्री विमान को मार गिराने का अंतिम अधिकार प्रधानमंत्री के पास होता।

सऊदी अरब की तरफ मुड़ते ही बदली स्थिति
हालांकि, हालात ने उस समय अलग मोड़ ले लिया जब विमान इजरायल की ओर बढ़ने के बजाय सऊदी अरब की दिशा में मुड़ गया। इसके बाद इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया। सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमानों को सक्रिय किया। इसी दौरान कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब हुए। इसके बाद विमान में मौजूद कुछ इजरायली यात्रियों और फ्लाईदुबई के को-पायलट को काबू में किया गया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।

आज जब कैप्टन स्मित गंभीर चोटों से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, तब उनकी एक बात इस पूरी घटना के बीच उम्मीद जगाती है, वह फिर से विमान उड़ाना चाहते हैं। एक पायलट के लिए आसमान सिर्फ उसका पेशा नहीं, उसकी पहचान भी होता है और स्मित की यह इच्छा उनके जज्बे को दिखाती है।