महिला पहलवानों का बड़ा कदम, बृजभूषण और विनोद तोमर को बरी करने के आदेश को दी चुनौती
Brij Bhushan Sharan Singh: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है। चार महिला पहलवानों ने उन्हें बरी करने के निचली अदालत के आदेश को दिल्ली की सेशन कोर्ट में चुनौती दी है।
याचिका में सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी गई है। अपील में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप नहीं है।
पहलवानों ने फैसले पर क्या सवाल उठाए?
महिला पहलवानों की अपील में कहा गया है कि निचली अदालत ने सबूतों और गवाहों के बयानों का चुनिंदा तरीके से मूल्यांकन किया। उनका आरोप है कि फैसला अनुमान और अटकलों पर आधारित है तथा स्थापित कानूनी सिद्धांतों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।याचिका में यह भी कहा गया है कि अदालत ने पीड़िता के व्यवहार को लेकर एक तय धारणा को आधार बनाया, जबकि प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ तुरंत खुलकर विरोध न कर पाना परिस्थितियों के हिसाब से स्वाभाविक हो सकता है।
बृजभूषण को कब मिली थी राहत?
करीब तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 3 अगस्त 2026 को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को इस मामले में बरी कर दिया था।अब चार महिला पहलवानों की अपील के बाद मामला सेशन कोर्ट पहुंच गया है, जहां इस पर आगे सुनवाई होगी।
अब आगे क्या होगा?
सेशन कोर्ट में दाखिल अपील पर अदालत पहले यह तय करेगी कि निचली अदालत के फैसले की दोबारा समीक्षा की जाए या नहीं। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और आगे की सुनवाई के बाद ही अगला कानूनी कदम स्पष्ट होगा।