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BJP V/S TMC: जादवपुर यूनिवर्सिटी में मचा बवाल, आमने-सामने आई राजनीतिक पार्टियां

Shivani Gupta · 23 अगस्त 2026
ममता बनर्जी/ शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता: जादवपुर यूनिवर्सिटी एक बार फिर राजनैतिक मुदा बन गया है। जहां समय-समय पर ABVP, SFI, AISA जैसे छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आते हैं तो वही इस बार भी फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन (FETSU) की एक जनरल मीटिंग की वजह से यूनिवर्सिटी में RSS से जुड़े ABVP और लेफ्ट-झुकाव वाले स्टूडेंट ग्रुप के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। इसमें कई छात्र घायल हो गए।

BJP-TMC में बढ़ी तकरार
वहीं झड़प के बाद अब BJP और TMC एक बार फिर आमने सामने आ गई है और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रही है। जहां TMC के कुछ सांसदों, विधायकों ने बीजेपी की सरकार पर निशाना साधा है तो वही भारतीय जनता पार्टी ने भी TMC पर तंज कस्ते हुए कई आरोप लगाए है।

हालांकि इस मामले में अब तक बीजेपी के कई राजनीतिक नेताओं ने बयान दिया हैं:

1. शुभेंदु अधिकारी (BJP) – पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि कैंपस में लंबे समय से "राष्ट्रवाद विरोधी गतिविधियां" चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में राष्ट्रवाद और देशभक्ति का माहौल स्थापित किया जाएगा।

2. दिलिप घोष (BJP नेता)
दिलिप घोष ने यूनिवर्सिटी की राजनीति को लेकर लेफ्ट संगठनों पर निशाना साधा। हालांकि BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि कैंपस में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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3. शर्वरी मुखर्जी (BJP MLA, जादवपुर विधानसभा)
वहीं शर्वरी मुखर्जी ने कहा कि BJP कभी भी ABVP से नहीं जुडी हैं हालांकि स्थानीय विधायक होने के नाते उन्होंने घायल छात्रों से मुलाकात की और मामले पर सक्रियता दिखाई।

वही TMC ने भी BJP पर निशाना साधा है

1. ममता बनर्जी (TMC) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है ममता बनर्जी की ओर से सीधे तौर पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि TMC खेमे ने कैंपस हिंसा के लिए BJP/ABVP की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

 2. अभिषेक बनर्जी (TMC राष्ट्रीय महासचिव, सांसद)
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर आरोप लगाया कि वह छात्र राजनीति के जरिए बंगाल में ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है। TMC नेताओं का कहना है कि कैंपस में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

3. कुणाल घोष (TMC प्रवक्ता)
कुणाल घोष ने BJP पर हमला बोलते हुए कहा कि ABVP को कैंपस में अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। TMC की लाइन रही कि बाहर से आए लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

4. सागरिका घोष (TMC सांसद)
सागरिका घोष ने BJP पर आरोप लगाया कि बंगाल में राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है और सरकार को निशाना बनाया जा रहा है।

5. लेफ्ट नेता / CPI(M) छात्र संगठन (SFI)

वही SFI और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि ABVP समर्थक बाहरी लोगों के साथ कैंपस में आए और माहौल को बिगड़ने की कोशिश की जिसके बाद यह छोटी सी बहस बड़ी हिंसा में बदल गई।

BJP बनाम लेफ्ट की राजनीतिक लड़ाई

BJP नेताओं ने इसे "राष्ट्रवाद बनाम वामपंथी राजनीति" का मुद्दा बनाया। वही लेफ्ट संगठनों ने इसे "कैंपस में राजनीतिक हस्तक्षेप" बताया।

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