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राहुल गाँधी के गढ़ रायबरेली में BJP ने बदली रणनीति, राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को संगठन की कमान

Shivani Gupta · 20 सितम्बर 2026
राहुल गाँधी, नीरज सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन के स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और महानगरों के लिए नए प्रभारियों की घोषणा की है। इसी सूची में रायबरेली की जिम्मेदारी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे डॉ. नीरज सिंह को दी गई है।

रायबरेली की जिम्मेदारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है। ऐसे में कांग्रेस के इस अहम इलाके में बीजेपी की ओर से नीरज सिंह को संगठन की जिम्मेदारी दिया जाना यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। अब नीरज सिंह को जिले में पार्टी संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाने और स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।

राहुल गांधी के इलाके में BJP का संगठन फोकस

राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से सांसद चुने गए थे। इसके बाद भी रायबरेली कांग्रेस की राजनीति में महत्वपूर्ण बना हुआ है। वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी भी जिले में अपने संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

बीजेपी की नई सूची में नीरज सिंह को रायबरेली का जिला प्रभारी बनाया गया है। पार्टी की ओर से जिला प्रभारियों की नियुक्ति का मकसद अलग-अलग जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत और सक्रिय करना बताया गया है।

प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद नई जिम्मेदारी

नीरज सिंह को कुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश बीजेपी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। अब प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के साथ उन्हें रायबरेली जैसे महत्वपूर्ण जिले का प्रभारी भी बनाया गया है। जिला प्रभारी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी स्थानीय संगठन के साथ समन्वय बनाने, पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद रखने की होगी।

यानी आने वाले समय में रायबरेली में बीजेपी के संगठन से जुड़े फैसलों और गतिविधियों में नीरज सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

रायबरेली में बीजेपी के सामने क्या है चुनौती?

रायबरेली लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। हालांकि जिले की राजनीति सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सीमित नहीं है। विधानसभा स्तर पर यहां अलग-अलग दलों की स्थिति अलग रही है।

2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली जिले की छह विधानसभा सीटों में बीजेपी को दो सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में 2027 से पहले पार्टी के सामने स्थानीय संगठन को मजबूत करने की चुनौती है। अब नीरज सिंह की जिम्मेदारी सिर्फ संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित रहेगी या आने वाले चुनावी अभियान में भी उनकी भूमिका बढ़ेगी, यह आगे की पार्टी रणनीति से स्पष्ट होगा।

BJP ने पूरे यूपी में बदले प्रभारी

नीरज सिंह की नियुक्ति अकेली नहीं है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 19 सितंबर को उत्तर प्रदेश के विभिन्न संगठनात्मक जिलों और महानगरों के लिए नए प्रभारियों की सूची जारी की। इसमें पश्चिम, ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र के जिलों को शामिल किया गया है। (Jagran)

इस फेरबदल में रायबरेली के साथ लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, नोएडा समेत कई जिलों और महानगरों की जिम्मेदारियां भी नए पदाधिकारियों को दी गई हैं।

2027 से पहले बढ़ेगी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। रायबरेली में भी पिछले दिनों राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। ऐसे में बीजेपी की ओर से नीरज सिंह को जिला प्रभारी बनाए जाने से जिले में संगठन स्तर पर हलचल बढ़ना तय है।

नीरज सिंह के सामने अब रायबरेली के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने के साथ पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र होने के कारण रायबरेली में बीजेपी की गतिविधियों पर राजनीतिक नजर भी बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को रायबरेली की जिम्मेदारी मिलना बीजेपी के हालिया संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा है। आने वाले महीनों में यह देखना होगा कि पार्टी इस जिम्मेदारी के जरिए जिले में अपने संगठन को किस तरह आगे बढ़ाती है।

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