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पटना में छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर जुटी भीड़

MADHVI TANWAR · 13 अक्टूबर 2026
बिहार

patna news: राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर 2.0 के प्रदर्शन की चिंगारी पूरे देश में आग की तरह फैल रही है। देश के अलग-अलग राज्यों में छात्र संगठन सड़कों पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के खिलाफ लगातार विरोध देखने को मिल रहा है।

आज बिहार के पटना में अखिल भारतीय छात्र संघ और क्रांतिकारी युवा संघ ने गांधी मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की आलोचना और इस प्रक्रिया के लिए जवाबदेही की मांग के बीच हो रहा है।

कई जिलों में हो रहा है प्रदर्शन

बिहार के अलग-अलग जिलों में लगातार प्रदर्शन हो रहा है। छात्र-छात्राएं इन प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। उनके हाथों में चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं। किसी पोस्टर में पीएम मोदी की तस्वीर के नीचे नाकारात्मक कोटेशन लिखी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए हैं। नये नाम जोड़ने में पारदर्शिता नहीं दिखी। फिलहाल स्थिति बेकाबू न हो उसके लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है।

राहुल गांधी ने निकाला था मार्च

सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंबा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मतदाता सूची के विशेष पंजीकरण संबंधी आयोग के निर्णयों को चुनौती दी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और 9 अन्य भारतीय ब्लॉक नेताओं द्वारा दायर रिट याचिका में 14 दोषों को चिह्नित किया। जो भारत के चुनाव आयोग के चल रहे एसआईआर अभ्यास के पहलुओं को चुनौती देते हैं।

दिल्ली में आशुतोष रांका और सौरभ दास को किया गिरफ्तार

मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने दिल्ली में अपनी टीम के सदस्यों की हिरासत के बाद सरकार की आलोचना की। जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने को कानून का उल्लंघन मानने वालों को "देशद्रोही" करार दिया। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सीजेपी कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका, सौरभ दास और अजिंक्या शिंदे को हिरासत में ले लिया। कथित तौर पर एक घेरा तोड़कर जंतर-मंतर में प्रवेश करने का प्रयास किया, जिसे विरोध स्थल के रूप में निरस्त कर दिया गया था।

क्या सीजेपी की मांग होगी पूरी या सरकार चलेगी कोई रणनीति

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा ले पाएगी? क्या सरकार SIR को वापस लेगी? क्योंकि देश में स्थिति इस समय काफी खराब बनी हुई है। देश का युवा अपनी शिक्षा का अधिकतर समय सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने में जुटा है।

क्या सरकार इस बार भी मांगे करेगी। क्या परिस्थिति को संभालने के लिए SIR को वापस लिया जाएगा। या सरकार कोई बड़ी रणनीति तय करेगी। या देश के युवाओं की मांग को समझने पर विचार करेगी। देश में इस समय सबसे बड़ा मुद्दा यही बना हुआ है कि आखिर कब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपना इस्तीफा देंगे। या सरकार कोई दूसरा विकल्प निकालेगी?

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