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बिहार में बाढ़ पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- ‘हर साल राहत नहीं, स्थायी समाधान चाहिए’

Shailesh Yadav · 4 अक्टूबर 2026
बिहार में बाढ़ पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राज्य में बाढ़ से मची तबाही को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को हर साल राहत और आश्वासन नहीं, बल्कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान चाहिए।

राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बिहार के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने एक बार फिर राज्य में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई गांव पानी में डूब गए हैं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई।

राहुल गांधी ने बीजेपी की ‘डबल इंजन सरकार’ से सवाल करते हुए पूछा कि पिछले 17 वर्षों में बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ आती है, लोगों की जान जाती है, परिवार उजड़ते हैं और बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करना पड़ता है, लेकिन जमीन पर स्थिति में कितना बदलाव आया है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को हर साल मिलने वाली राहत और आश्वासनों की जरूरत नहीं है। उन्हें ऐसी व्यवस्था चाहिए, जिससे बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

तेजस्वी यादव ने भी सरकार को घेरा
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी बाढ़ को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद होने के बावजूद उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और अपराध चरम पर हैं और राज्य कर्ज के बोझ में चल रहा है। उन्होंने बीजेपी पर बिहार के हित में काम नहीं करने का आरोप लगाया।

पप्पू यादव बोले- कई इलाकों में जरूरी सुविधाएं तक नहीं
वहीं, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने छपरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर जनरेटर, पॉलीथिन शीट, सामुदायिक रसोई, मेडिकल सुविधाएं और हैंडपंप जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।

पप्पू यादव ने कहा कि वह तीन दिनों से छपरा में हैं और राहत व्यवस्था में कमी के कारण उन्हें खुद कई जगहों पर हैंडपंप, जनरेटर, बाथरूम और पॉलीथिन शीट की व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के लिए 5,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की। उन्होंने सिंचाई से जुड़े कामों में लगे ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की मांग की और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

सरकार ने शुरू किए राहत और एयरड्रॉप अभियान
दूसरी ओर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग को बाढ़ प्रभावित और सड़क संपर्क से कटे इलाकों तक राहत सामग्री जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से सारण जिले के प्रभावित इलाकों में एयरड्रॉप अभियान चलाया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 15 sorties के जरिए 28 टन से ज्यादा खाद्य सामग्री, जिसमें 5,600 से अधिक सूखा राशन पैकेट शामिल थे, प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाए।

सरकार के मुताबिक, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सड़क मार्ग बाधित होने वाले इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना का आभार जताते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का काम केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जारी है।