भूटान में ग्लेशियल झील फटने से बाढ़ का खतरा, असम-बंगाल के गांवों में को चेतावनी; तुरंत इलाका खाली करने की सलाह
नई दिल्ली: भूटान में ग्लेशियल झील के फटने (Glacial Lake Outburst Flood) की घटना ने भारत के सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। झील से अचानक पानी का बहाव बढ़ने की आशंका के बीच असम और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। हालात को देखते हुए प्रभावित हो सकने वाले गांवों में रातभर मुनादी कराई गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
Highlights:-
- भूटान में ग्लेशियल झील फटने से बाढ़ का खतरा।
- असम और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट।
- रातभर गांवों में मुनादी कर लोगों को चेतावनी दी गई।
- निचले और नदी किनारे के इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह।
रातभर गांवों में होती रही मुनादी, लोगों में दहशत
भूटान में झील फटने की खबर सामने आने के बाद भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क हो गया। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए गांवों में लोगों को आगाह किया गया। मुनादी के जरिए ग्रामीणों से जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई।
अचानक पानी का स्तर बढ़ने की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों को जरूरी सामान साथ रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
क्या होती है ग्लेशियल झील फटने की घटना?
ग्लेशियल झीलें पहाड़ों पर ग्लेशियर यानी हिमनदों के पिघलने से बनने वाला पानी जमा होने के कारण तैयार होती हैं। कई बार इन झीलों के किनारे बर्फ, चट्टानों और मलबे से बने बांध होते हैं। जब यह बांध टूट जाता है या पानी अचानक बाहर निकलने लगता है, तो बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगता है।
इस घटना को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। पहाड़ी इलाकों में ऐसी घटनाएं अचानक बाढ़, भूस्खलन और बड़े पैमाने पर तबाही का कारण बन सकती हैं।
असम और बंगाल में क्यों बढ़ी चिंता?
भूटान से निकलने वाली कई नदियां भारत के पूर्वोत्तर और पूर्वी हिस्सों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्र में अचानक पानी का बहाव बढ़ने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। असम और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में इसी आशंका को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
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