Bhavika Mangalanandan UN Speech: 'अपने ही सैनिकों के शवों..' वैश्विक मंच पर पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, भारत ने याद दिलाया कारगिल युद्ध
Bhavika Mangalanandan UN Speech: वैश्विक मंच पर हमेशा की तरह इस बार भी भारत ने पड़ोसी मुल्क को बेनकाब कर उसकी औकात दिखा दी है। वैसे तो कंगाल पाकिस्तान की कोई इज्जत नहीं बची, लेकिन रही सही कसर भी भारत ने इस बार पूरी कर दी ।
भारत ने कारगिल युद्ध याद दिलाकर एक बार फिर पाकिस्तान के पुराने जख्म खुरेद दिए है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन (Bhavika Mangalanandan UN Speech) ने कंगाल मुल्क को जमकर लताड़ा है। चलिए आपको बताते है पूरी कहानी।
Bhavika Mangalanandan ने पकिस्तान की दिखाई औकात
भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन ने 'धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता' पर विशेष प्रतिवेदक (Special Rapporteur) के साथ, असाधारण परिस्थितियों में अंतिम संस्कार के अधिकारों के विषय पर हुई बातचीत में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा -
रिपोर्ट में COVID-19 के दौरान हुई सभी गलत प्रथाओं के लिए केवल 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जबकि विकसित देशों में भी ऐसी ही दुखद स्थितियां देखने को मिली थीं, जिन्हें पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया।
उन आतंकवादियों के अधिकारों की पुरजोर वकालत की गई, जो सबसे पवित्र मानवाधिकार - यानी 'जीवन के अधिकार' - का ही उल्लंघन करते हैं!
भारत ने यूएन में पाकिस्तान को किया बेनकाब
पाकिस्तान की जिक्र करते हुए Bhavika Mangalanandan ने कहा, यह बड़े व्यंग्य की बात है कि जो देश 1999 में कारगिल की लड़ाई में मारे गए अपने ही सैनिकों के शवों को स्वीकार करने तक को तैयार नहीं था, वह आज बिना किसी झिझक के आस्था, धार्मिक स्वतंत्रता और दफनाने के अधिकारों पर बड़े जोश से बात कर रहा है।
पाकिस्तान के प्रतिनिधि को याद दिलाया गया कि भारतीय सेना ने ही कई पाकिस्तानी सैनिकों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ और इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया था।
भारत ने सलाह दी है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का जो गहरा जुनून है, उसे रावलकोट जैसे उन इलाकों में हो रहे विकास कार्यों की ओर मोड़ा जाना चाहिए, जो उसके अवैध कब्जे में हैं।