Bhai Dooj 2026: 10 या 11 नवंबर, कब है भाई दूज? जानें तिलक का शुभ मुहूर्त
Bhai Dooj Kab Hai 2026: दीपावली के बाद मनाया जाने वाला भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं, भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का वचन निभाने का संकल्प लेते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि साल 2026 में भाई दूज 10 नवंबर को मनाई जाएगी या 11 नवंबर को। आइए जानते हैं सही तारीख, तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त और इस पर्व का धार्मिक महत्व।
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाई दूज का त्योहार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। पंचांग गणना के मुताबिक, द्वितीया तिथि 10 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे शुरू होगी और 11 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि की मान्यता के आधार पर भाई दूज का पर्व 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाया जाएगा।
भाई दूज 2026 तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त
इस साल भाई दूजके दिन शुभ मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक रहेगा। शुभ समय में अपने भाई को तिलक लगाती हैं और आरती उतारती हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, इस साल तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।
भाई दूज का क्या है धार्मिक महत्व?
भाई दूज को भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन बहन द्वारा भाई को तिलक लगाने और उसकी मंगलकामना करने से उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस पर्व को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग नामों से जाना जाता है। महाराष्ट्र में इसे भाऊ बीज, जबकि बंगाल में भाई फोंटा कहा जाता है। नाम और रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं, लेकिन त्योहार का मूल भाव भाई-बहन के प्रेम को मजबूत करना है।
भाई दूज पर कैसे निभाई जाती है परंपरा?
भाई दूज के दिन बहनें पूजा की थाली तैयार करती हैं। इसमें रोली, अक्षत, दीपक और मिठाई जैसी चीजें रखी जाती हैं। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर आरती उतारी जाती है और उसकी लंबी उम्र व खुशहाल जीवन की कामना की जाती है। परंपरा के अनुसार, भाई अपनी बहन को उपहार देता है और उसके सुख-दुख में साथ देने का संकल्प जताता है। इस तरह यह त्योहार परिवार के रिश्तों को मजबूत करने और आपसी प्रेम जताने का अवसर बनता है।