Benjamin Netanyahu का सियासी सफर समाप्त! इजरायल में होने जा रहा है बड़ा उलटफेर, पढ़े पूरी रिपोर्ट
Benjamin Netanyahu: इजरायल में बड़ा राजनीति उलटफेर देखने को मिल रहा है। दरअसल बेंजामिन नेतन्याहू की कुर्सी पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या नेतन्याहू का सियासी सफर समाप्त होने वाला है? इजरायल में नई सरकार के गठन की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है।
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ दो दिन की बातचीत के बाद विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद के लिए 56 सांसदों का समर्थन मिल गया है। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में 46 सांसदों ने सिफारिश की है। जिसने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए है।
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने शुरू की नई सरकार बनाने की प्रक्रिया
चुनाव के बाद इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत शुरू कर दी है। उनका उद्देश्य ऐसे उम्मीदवार का चयन करना है, जिसके पास नई सरकार बनाने की सबसे ज्यादा संभावना हो।
राष्ट्रपति के सामने मुख्य रूप से दो नाम हैं -
बेंजामिन नेतन्याहू - इजरायल की लिकुड पार्टी के नेता और मौजूदा प्रधानमंत्री।
गादी आइज़ेनकोट - विपक्ष के प्रमुख नेता और पूर्व सैन्य प्रमुख।
राष्ट्रपति को 11 नवंबर तक यह तय करना है कि सरकार बनाने की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाए। चुने गए उम्मीदवार को सरकार बनाने के लिए 28 दिन मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर 14 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है।
नेतन्याहू की मुश्किलें क्यों बढ़ रही हैं?
नेतन्याहू के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने गठबंधन के सहयोगियों को एकजुट रखना है। उनकी पार्टी ने सबसे ज्यादा 27 सीटें जीती हैं, लेकिन पूरे गठबंधन को केवल 53 सीटें मिली हैं।
इसके अलावा अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पार्टी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने राष्ट्रपति के सामने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने की सिफारिश नहीं की। इस फैसले से नेतन्याहू की स्थिति और कमजोर हुई है।
दूसरी तरफ, विपक्षी नेता आइज़ेनकोट को अरब समर्थित दलों का समर्थन मिलने की संभावना बढ़ी है। इससे उनके लिए बहुमत जुटाने का रास्ता खुल सकता है।
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