Bangladesh: भुखमरी की कगार पर पहुंचा ये पड़ोसी मुल्क, तारिक रहमान सरकार में करोड़ों आवाम की बढ़ी मुश्किलें! जानें सबकुछ
Bangladesh: भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश इन दिनों आर्थिक चुनौतियों और खाद्य असुरक्षा को लेकर चर्चा में है। एक तरफ देश में महंगाई और कमजोर होती लोगों की आय ने लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बांग्लादेश में हालात इतने चुनौतीपूर्ण क्यों हो रहे हैं और प्रधानमंत्री तारिक रहमान सरकार आवाम को सुविधाएं देने में क्या फेल हो गई है?
बांग्लादेश में गहराया भुखमरी का संकट
साइप्रस स्थित प्रकाशन 'ट्रेडर्स यूनियन' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव और बढ़ गया है, क्योंकि उनकी बचत खत्म हो रही है और बढ़ती लागतों से निपटने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है। सरकार का कहना है कि उनको जो अर्थव्यवस्था मिली, वह काफी कमजोर थी।
जिसमे भारी महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और निजी क्षेत्र में निवेश की कमी जैसी समस्याएं थीं। उन्होंने आगे कहा कि देश इस समय एक बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कम और मध्यम आय वाले वर्गों की कमजोर क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) बेरोजगारी और ऊर्जा असुरक्षा की समस्या को और बढ़ा रही है।
तारिक रहमान सरकार के सामने क्या हैं चुनौतियां?
प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार के अवसर बढ़ाना, गरीब परिवारों को राहत देना और आर्थिक विकास को गति देना शामिल हैं।
तारिक रहमान ने फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने और बाजार में जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने की बात कही थी। लेकिन आर्थिक परिस्थितियों में सुधार के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं होंगी। इसके लिए प्रभावी नीतियों और उनके जमीन पर क्रियान्वयन की जरूरत होगी।
सरकार के लिए यह भी जरूरी है कि खाद्य सहायता जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे और किसानों को उत्पादन, भंडारण तथा बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिले।