Bangladesh में बनेगा पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट, रूस से आया यह रासायनिक तत्व, क्या है पाकिस्तान कनेक्शन?
Bangladesh: परमाणु ऊर्जा के मामले में बांग्लादेश एक नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। रूपपुर में देश का पहला न्यूक्लियर पावर लगने जा रहा है। यह प्लांट कई मायने में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि रूपपुर प्लांट बांग्लादेश का पहला परमाणु बिजलीघर है। इसे रूस की सरकारी परमाणु कंपनी Rosatom की मदद से तैयार किया जा रहा है।
प्लांट में दो VVER-1200 रिएक्टर लगाए गए हैं और दोनों की संयुक्त क्षमता करीब 2400 मेगावाट है। माना जा रहा है कि इसके बनने के बाद देश में बिजली आपूर्ति की दिक्कत काफी हद तक कम हो जाएगी।
रूस से आया ये महत्वपूर्ण रासायनिक?
लंबे इंतजार के बाद रूस से यूरेनियम बांग्लादेश पहुंचा है। ये कोई सामान्य औद्योगिक रसायन नहीं बल्कि परमाणु रिएक्टर में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाला तत्व है। सबसे खास बात है कि रूपपुर प्लांट के लिए रूस से तैयार परमाणु ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। पहला खेप बांग्लादेश पहुंच चुका है और इसे लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट क्या है?
रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट बांग्लादेश के पाबना जिले के रूपपुर में बनाया जा रहा है। इसकी दो यूनिट हैं और प्रत्येक की क्षमता करीब 1200 मेगावाट है। IAEA के अनुसार, रूपपुर की दोनों यूनिट VVER-1200 तकनीक पर आधारित हैं। परियोजना का निर्माण 2017 से शुरू हुआ था और बांग्लादेश के लिए यह परमाणु बिजली उत्पादन की दिशा में पहला बड़ा कदम है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाना है। देश की बिजली व्यवस्था लंबे समय से प्राकृतिक गैस और अन्य ईंधनों पर काफी निर्भर रही है।
पाकिस्तानी एंगल आया सामने
शेख हसीना की सरकार हटने के बाद से ही पाकिस्तान और बांग्लादेश में नजदीकियां बढ़ गई थी। यहां तक कि पाकिस्तान के बहकावे में आकर बांग्लादेश कई बार भारत के खिलाफ जहर उगल चुका है। लेकिन अब पाकिस्तान की असलियत सामने आ चुकी है।
रूस से आ रहे यूरेनियम में देरी की असली वजह पाकिस्तान ही है क्योंकि उसने रूसी जहाज को अपने स्पेस से गुजरने की अनुमति नहीं दी थी। जिसके बाद उसकी जमकर आलोचना की जा रही है।