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Bangladesh में हिंदू महिलाओं पर अत्याचार से बढ़ी चिंता, अंतरराष्ट्रीय संस्था ने उठाई आवाज

Anurag Kumar Tripathi · 10 अक्टूबर 2026
Bangladesh

Bangladesh: मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था ने बांग्लादेशी हिंदू महिला मानवाधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी पर हो रहे लक्षित हमलों को लेकर चिंता जताई है। संस्था ने चेतावनी दी है कि यह उत्पीड़न उनके लिंग और अल्पसंख्यक पहचान से जुड़ा है, और यह सब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के माहौल के बीच हो रहा है। बता दें कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता का मुद्दा सामने आया है।

खासतौर पर हिंदू महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा, उत्पीड़न और असुरक्षा से जुड़े मामलों ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर बहस तेज कर दी है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, पीड़ितों को न्याय और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति को लेकर समय-समय पर मानवाधिकार संगठनों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से चिंता जताई जाती रही है।

हिंदू महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न किसी भी समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। जब ऐसे मामले धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हों, तो उनकी सुरक्षा के साथ-साथ न्याय तक पहुंच और प्रशासन की जवाबदेही भी अहम हो जाती है।

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों के बीच यह जरूरी है कि हिंसा या उत्पीड़न की प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच की जाए। पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, कानूनी सहायता और न्याय मिले, ताकि वे बिना किसी डर के अपनी जिंदगी जी सकें। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से ही वहां पर लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। जो एक गंभीर चिंता पैदा कर रही है।

शम्पा गोस्वामी पर हो रहे लक्षित हमलों पर जताई चिंता

FLD के अनुसार, यात्रा पर रोक लगने के बाद, इस साल 21 अगस्त को गोस्वामी को एयरपोर्ट पर रोका गया और उन्हें इंडोनेशिया के बाली जाने से रोक दिया गया, जहाँ उन्हें एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होना था। 20 सितंबर को, उन्होंने यात्रा पर लगी रोक को चुनौती देते हुए बांग्लादेश हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की और अब वे सुनवाई की तारीख का इंतज़ार कर रही हैं।

अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ने आगे कहा कि गोस्वामी को 28 सितंबर को एक पत्र मिला, जिसमें उन्हें बताया गया कि गृह मंत्रालय ने पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार और फ़ंड के दुरुपयोग के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है।