चिकननेक पर मंडराया संकट, Bangladesh के बोगुरा प्रोजेक्ट ने भारत की बढ़ाई टेंशन, पढ़े पूरी रिपोर्ट
Bangladesh: भारत और बांग्लादेश के बीच बीते कई महीनों से राजनितिक मतभेद जारी है। एक तरफ भारत पड़ोसी मुल्क के साथ लगातार संबंध अच्छे करने में लगा हुआ है, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश के प्लान ने भारत की चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल तारिक रहमान सरकार तुर्की की मदद से बोगुरा प्रोजेक्ट की शुरूआत करने जा रही है जो कहीं ना कहीं भारत के लिए एक सिरदर्द बन सकता है। चिकननेक को लेकर भी बांग्लादेश कई बार आपत्तिजनक बयान दे चुका है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
क्या है बोगुरा प्रोजेक्ट?
दरअसल बांग्लादेश अपने उत्तरी इलाके में सैन्य और एविएशन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इसके केंद्र में बोगुरा है, जहां तुर्की की मदद से बांग्लादेश सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट, नया एयरफोर्स बेस और ड्रोन निर्माण से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इस पूरे प्रोजेक्ट को बोगुरा प्रोजेक्ट नाम दिया गया है। तुर्की की मदद से यहां पर फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी।
भारत की क्यों बढ़ी चिंता
बांग्लादेश सरकार द्वारा शुरू की गई बोगुरा प्रोजक्ट भारत की लिए सिरदर्द बन गया है। भारत और बांग्लादेश सीमा 4 हजार किलोमीटर से अधिक में फैली है। अगर बोगुरा प्रोजेक्ट की बात करें तो ये चिकननेक से महज 100 से 200 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है।
तुर्की के साथ मिलकर बांग्लादेश ड्रोन की फैक्ट्री स्थापित करने जा रही है। जो आने वाले समय में भारत के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। शेख हसीना सरकार हटने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते में लगातार गिरावट देखी जा रही है। अब इस प्रोजेक्ट ने चिंता बढ़ा दी है।
क्या भारत के खुला थ्री फ्रंट?
भारत की बढ़ती ताकत देख पाकिस्तान, चीन जैसे पड़ोसी मुल्क लगातार गिराने में लगे हुए है। तुर्की और चीन के साथ बांग्लादेश भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। जिसके बाद अब सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या भारत के लिए तीसरा फ्रंट भी खुल गया है और क्या उसे और सतर्क हो जाना चाहिए।
चूंकि चीन और तुर्की के साथ मिलकर बांग्लादेश ड्रोन फैक्ट्री खोलने जा रहा है जो सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बिल्कुल नजदीक है। यह कारण है कि भारत सरकार लगातार बांग्लादेश सरकार के संपर्क में है।
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