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आजमगढ़ में किसान नेता राजीव यादव के घर पुलिस की दबिश, पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव बोले- उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा

Pradeep Singh · 23 अक्टूबर 2026
किसान नेता राजीव यादव

आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव के घर पुलिस की दबिश का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई की पूर्वांचल किसान यूनियन समेत कई किसान संगठनों ने निंदा की है। पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेन्द्र यादव ने कहा कि इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे किसान नेता राजीव यादव का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संगठन के मुताबिक, पुलिस ने गुरुवार देर रात घिनहापुर स्थित राजीव यादव के घर छापेमारी की। राजीव यादव हाल ही में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक शिवम पाल के परिवार को न्याय दिलाने और मामले में गिरफ्तार युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग उठा रहे थे।

पुलिस कार्रवाई पर जताया विरोध

पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेन्द्र यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंसाफ की मांग करने वाले लोगों को डराने के बजाय प्रशासन को सड़क हादसे के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस रात में किसान नेता के घर दबिश देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। वीरेन्द्र यादव ने कहा कि किसान नेता पुलिस की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और गिरफ्तार युवाओं को न्याय दिलाने की लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक लड़ी जाएगी।

उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि राजीव यादव और अन्य किसान नेताओं का कथित उत्पीड़न बंद किया जाए। साथ ही, युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाए। मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने पूर्वांचल किसान यूनियन की ओर से बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

शिवम पाल की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद

मामला आजमगढ़ के तहबरपुर क्षेत्र के चिरावल गांव का है। जानकारी के मुताबिक, पिछले दिनों गांव के शिवम पाल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार को न्याय दिलाने और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय युवाओं ने आवाज उठाई।

किसान संगठनों का आरोप है कि न्याय की मांग कर रहे युवाओं के खिलाफ ही तहबरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। संगठन के मुताबिक, इस मामले में नौ गांवों के 31 नामजद लोगों समेत 40 से 50 अज्ञात पुरुषों और महिलाओं को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे में नौ गंभीर धाराएं लगाए जाने और आठ युवाओं को जेल भेजे जाने की बात भी कही गई है।

संगठन का दावा है कि गिरफ्तार युवाओं में ज्यादातर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, मुकदमे में लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

जिलाधिकारी को सौंपा था ज्ञापन

पूर्वांचल किसान यूनियन के अनुसार, राजीव यादव ने युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे का मुद्दा उठाते हुए जिलाधिकारी आजमगढ़ को ज्ञापन सौंपा था। इसमें मुकदमा वापस लेने और युवाओं को न्याय दिलाने की मांग की गई थी।

संगठन ने आरोप लगाया कि इसके बाद पुलिस राजीव यादव और सोशलिस्ट किसान सभा के अन्य नेताओं को मुकदमे में फंसाने तथा गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की धमकी दे रही है।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

वीरेन्द्र यादव ने कहा कि यदि किसान नेताओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस नहीं लिया गया, तो पूर्वांचल किसान यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी होगी।

फिलहाल, इस मामले में किसान संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच, गिरफ्तार युवाओं को न्याय और किसान नेताओं का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। पुलिस और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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