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आजम खान की बढ़ीं मुश्किलें, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए; डासना जेल में रहेंगे सपा नेता

Shivani Gupta · 1 नवम्बर 2026
आजम खान की बढ़ीं मुश्किलें

गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल भेजा जाएगा। वहीं इस घटनाक्रम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

बता दें कि अदालत में पेशी के दौरान आजम खान की न्यायिक हिरासत को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। जिसके बाद अब उन्हें डासना जेल में रहना होगा। हालांकि इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और समाजवादी पार्टी के नेताओं की नजरें आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

सरकारी धन के दुरुपयोग का है मामला

यह पूरा मामला सरकारी धन के दुरुपयोग का है। इसमें ईडी ने सार्वजनिक मूलभूत ढांचे और आम जनता से जुड़े कार्यों के लिए रखे गए सरकारी धन को निजी शिक्षण संस्थान यानी जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाते हुए गत 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था।

29 अक्टूबर को मिली थी जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दे दी थी। 31 अक्टूबर की शाम को दोनों को जेल से रिहा होना था। लेकिन ईडी अधिकारियों ने जेल से ही आजम को गिरफ्तार कर लिया था। आजम खान ने इस मौके पर कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. उनका गुनाह यूनिवर्सिटी बनाना है।

समाजवादी पार्टी ने भी इसे जानबूझकर आजम खान के खिलाफ साजिश बताया है। फिलहाल अब ईडी की कार्रवाई शुरू हो गयी है। जिसमें आजम खान को 14 दिन के लिए डासना जेल भेज दिया गया है।

डासना जेल भेजे जाएंगे आजम खान

अदालत के आदेश के बाद आजम खान को गाजियाबाद स्थित डासना जेल भेजा जाएगा। न्यायिक हिरासत का मतलब है कि आरोपी को अदालत के आदेश पर जेल में रखा जाता है। इस दौरान मामले की सुनवाई और अन्य कानूनी प्रक्रिया अदालत के अनुसार आगे बढ़ती है।

सपा नेता की मुश्किलें बढ़ीं

आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी अहम भूमिका रही है। उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।

अब्दुल्ला आजम ने भी अपने बयान में यही बात दोहराई थी कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है। फिलहाल जिस तरह से आजम खान की जमानत के बाद रिहाई और फिर ईडी की कार्रवाई हुई, उसने यूपी की सियासत तेज कर दी है। सपा के बड़े नेता पूरे मामले पर निगाह रखे हैं।

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