वोट चोरी के आरोपों पर AAP का हमला, केजरीवाल ने CEC ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा; SIR पर भी उठाए सवाल
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान को समर्थन दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि अब पूरा देश CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुट हो रहा है।
गोवा एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा कि वह अगले तीन दिनों तक गोवा में रहेंगे और अलग-अलग लोगों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही है। पूरा देश अब इसके लिए एकजुट हो रहा है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना
केजरीवाल ने चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं।
AAP संयोजक ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में सामने आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन चुनावों में जीत हासिल की, उनमें इसी प्रक्रिया के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाकर और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़कर चुनाव जीते गए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र का मजाक बन गया है। केजरीवाल ने कहा कि हम इस मांग का समर्थन करते हैं और ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
INDIA ब्लॉक के मार्च के बाद ECI का बयान
इस बीच, चुनाव आयोग ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के निर्वाचन सदन की ओर मार्च और आयोग से मुलाकात की मांग को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने चुनाव आयोग से मुलाकात के लिए नियुक्ति नहीं मांगी थी।
ECI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने करीब 4 बजे उसे जानकारी दी कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लगभग 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहता है और संसद भवन एनेक्सी में ज्ञापन सौंपना चाहता है।
प्रोटोकॉल के लिहाज से असामान्य था प्रस्ताव
चुनाव आयोग ने कहा कि प्रस्तावित स्थान और जिस तरीके से मुलाकात की मांग की गई, वह उसके स्थापित प्रोटोकॉल के लिहाज से 'असामान्य' था। ECI ने बताया कि बाद में उसने विपक्षी सांसदों से ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी को भेजने पर विचार किया था। हालांकि, आयोग के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ‘वोट चोरी’ और SIR को लेकर विपक्ष का चुनाव आयोग पर हमला जारी है, जबकि आयोग ने अपनी प्रक्रिया और प्रोटोकॉल को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
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