आंध्र प्रदेश में नामांकन के दौरान YSRCP उम्मीदवारों पर हमले का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिए निर्देश
अमरावती: आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच हिंसा और उम्मीदवारों को रोकने के आरोप सामने आए हैं। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने आरोप लगाया है कि पलनाडु जिले के माचेरला में उसके उम्मीदवारों पर हमला किया गया और उनके नामांकन पत्र छीन लिए गए। वहीं, चित्तूर में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री के. नारायण स्वामी पर भी हमले का आरोप लगा है। इन घटनाओं के बीच सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नामांकन से जुड़ी शिकायतों पर फैसला लेने का निर्देश दिया है।
माचेरला और चित्तूर में हमले के आरोप
YSRCP के मुताबिक, माचेरला में मंडल कार्यालय पर मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (MPTC) की सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने पहुंचे उसके उम्मीदवारों पर कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। पार्टी का आरोप है कि उम्मीदवारों से जबरन नामांकन पत्र छीन लिए गए, जिससे नामांकन प्रक्रिया बाधित हुई।
वहीं, चित्तूर में पूर्व उपमुख्यमंत्री के. नारायण स्वामी पर जिला परिषद अध्यक्ष के कार्यालय के पास कथित तौर पर हमला किया गया। वह पेनुमुरु से जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (ZPTC) के नामांकन की प्रक्रिया में मदद करने पहुंचे थे।
YSRCP का आरोप है कि हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाओं के कारण उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। हालांकि, इन घटनाओं में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अक्टूबर तक फैसला लेने को कहा
नामांकन प्रक्रिया में कथित बाधाओं को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की अवकाश पीठ ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (APSEC) को निर्देश दिया कि वह 22 अक्टूबर तक उन क्षेत्रों में नामांकन की समयसीमा बढ़ाने पर फैसला करे, जहां कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोके जाने की शिकायतें मिली हैं।
अदालत ने उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित करने और हिंसा, बाधा तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़ी शिकायतों की जांच करने को कहा। यदि आयोग नामांकन की समयसीमा बढ़ाने का फैसला करता है, तो उम्मीदवारों को निर्णय के प्रकाशन के बाद कम से कम 48 घंटे का समय देना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को नामांकन केंद्रों पर उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वहां सीसीटीवी कवरेज की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।
YSRCP ने 63 प्रतिशत उम्मीदवारों को रोकने का किया दावा
सुनवाई के दौरान YSRCP की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने दावा किया कि करीब 63 प्रतिशत उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। उन्होंने कथित तौर पर नामांकन पत्र फाड़े जाने के वीडियो का भी हवाला दिया।
दूसरी ओर, राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने याचिका का विरोध किया। सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता पार्टी ने ही हिंसा भड़काई थी। इस तरह, सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप रखे।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी पार्टी
YSRCP ने 10 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अतिरिक्त नामांकन केंद्र बनाने की मांग की थी। 15 अक्टूबर को एकल पीठ ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद नामांकन के लिए एक दिन का अतिरिक्त समय देने की मांग भी 18 अक्टूबर को खारिज कर दी गई।
इसके बाद पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। YSRCP ने दलील दी कि यदि उम्मीदवारों को कथित हिंसा और बाधा के कारण नामांकन दाखिल करने का अवसर ही नहीं मिला, तो समयसीमा समाप्त होने के आधार पर राहत से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।
पार्टी ने नामांकन की अवधि बढ़ाने, वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा वाले अतिरिक्त केंद्र बनाने, उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा देने और निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना का हिस्सा हैं और नामांकन दाखिल करने का अधिकार चुनावी प्रक्रिया का अभिन्न अंग है।
कब होंगे स्थानीय निकाय चुनाव?
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के कार्यक्रम के अनुसार, संबंधित शहरी निकायों के लिए मतदान 28 अक्टूबर और मतगणना व नतीजों की घोषणा 30 अक्टूबर को निर्धारित है। वहीं, MPTC और ZPTC चुनावों के लिए मतदान 3 नवंबर और परिणाम 5 नवंबर को निर्धारित किए गए हैं।
ग्राम पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 26 नवंबर, दूसरे चरण का 29 नवंबर और तीसरे चरण का 2 दिसंबर को निर्धारित है। ग्राम पंचायत चुनावों के नतीजे मतदान वाले दिन घोषित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब राज्य चुनाव आयोग के फैसले पर नजर रहेगी।
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